उत्तरकाशी, 24 फरवरी।
उत्तरकाशी जनपद के सीमांत मोरी विकासखंड अंतर्गत सौड़-सांकरी क्षेत्र स्थित सोमेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित सोमेश्वर देवता मेला एवं मैती-ध्याणी मिलन समारोह पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हो गया।
मोरी ब्लॉक के बड़ासू क्षेत्र के ओसला गांव में आयोजित इस मेले में रवांई क्षेत्र के 22 गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं ने अपने आराध्य देव सोमेश्वर की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
मेले का मुख्य आकर्षण ध्याणी मिलन समारोह रहा। पारंपरिक वेशभूषा में सजी ध्याणियों ने सामूहिक तांदी नृत्य प्रस्तुत कर लोक संस्कृति की सुंदर छटा बिखेरी। उन्होंने देवता को स्वर्णमाल अर्पित कर गांव की खुशहाली की प्रार्थना की। सोमेश्वर देवता की डोली के साथ रासौ और तांदी नृत्य ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
फिताड़ी, जखोल, औसला, गंगाड़, ढाटमीर, सांकरी, सिदरी, सौड़, पांव, धारा और सुनकुंडी सहित विभिन्न गांवों के ग्रामीण मंदिर परिसर में एकत्रित हुए। ध्याणियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर कृपाल सिंह पूजारी, प्रहलाद सिंह रावत, अंजना, चन्द्रमणि रावत, अतर सिंह पंवार, भजन सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। मेले ने एक बार फिर रवांई क्षेत्र की सांस्कृतिक एकता और पारंपरिक आस्था को सशक्त रूप से प्रदर्शित किया।



