सुपौल, 27 फ़रवरी।
फागुन की दस्तक के साथ ही शहर के बाजारों में होली की रौनक साफ दिखाई देने लगी है। इस बार रंगों के साथ-साथ स्वदेशी परिधानों की मांग भी तेजी से बढ़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान का असर स्थानीय बाजारों में नजर आ रहा है, जहां ग्राहक देशी उत्पादों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
होली पर पारंपरिक सफेद कुर्ता-पायजामा, धोती-कुर्ता और सूती साड़ियों का चलन बरकरार है, लेकिन युवाओं में ट्रेंडी और डिजाइनर कपड़ों की मांग भी बढ़ी है। बाजार में होली थीम वाले प्रिंटेड टी-शर्ट, इंडो-वेस्टर्न ड्रेस और स्टाइलिश कुर्तों की अच्छी खासी बिक्री हो रही है।
दुकानों में लिनन कुर्तियां, डिजाइनर सूट, सेमी-गरारा स्टाइल, मैक्सी गाउन, नेट, शिफॉन और जॉर्जेट के परिधान सजे हैं। युवतियों में सलमा-सितारा वर्क वाली कुर्तियां और प्लाजो लोकप्रिय हैं, वहीं युवाओं के बीच खादी जैकेट और कुर्ता-पायजामा का ट्रेंड बढ़ा है।
खरीदारी कर रहीं ग्राहकों ने बताया कि किफायती दरों पर कॉटन साड़ियां और प्रिंटेड टी-शर्ट उपलब्ध हैं, जबकि शाम के कार्यक्रमों के लिए सफेद डिजाइनर कुर्ता-पायजामा की मांग ज्यादा है। व्यवसायियों के अनुसार स्टोन और जरदोसी वर्क वाली कुर्तियां महिलाओं की पसंद बनी हुई हैं, जिनकी कीमत 1000 रुपये से ऊपर है।
हालांकि महंगाई का असर दामों पर दिख रहा है, फिर भी त्योहार की उमंग के चलते बाजारों में खरीदारी जोरों पर है। इस बार होली पर गांवों में पारंपरिक पहनावा और शहरों में स्वदेशी फैशन का विशेष आकर्षण देखने को मिल रहा है।



