राजगीर, 06 फरवरी।
बिहार के नालंदा जिले के प्रसिद्ध पर्यटन एवं धार्मिक स्थल राजगीर में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब दिगंबर जैन धर्मशाला के एक कमरे से चार जैन सैलानियों के शव संदिग्ध हालात में बरामद किए गए। सभी मृतक बेंगलुरु के रहने वाले बताए जा रहे हैं और धार्मिक यात्रा पर राजगीर पहुंचे थे।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और धर्मशाला परिसर सहित आसपास के इलाके को सील कर जांच शुरू कर दी। पुलिस-प्रशासन पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की पड़ताल कर रहा है।
धर्मशाला के रजिस्टर के अनुसार चारों पर्यटक 31 जनवरी को राजगीर पहुंचे थे और 2 फरवरी तक परिसर में देखे गए थे। इसके बाद संबंधित कमरे का दरवाजा लगातार बंद रहा। शुक्रवार को कमरे से दुर्गंध आने पर धर्मशाला प्रबंधन को संदेह हुआ, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
धर्मशाला इंचार्ज मुकेश जैन ने बताया कि पर्यटकों ने पहले नेपाल भ्रमण और फिर राजगीर आने की जानकारी दी थी। चार में से एक व्यक्ति का आधार कार्ड मिला है, जिसमें नाम जी.आर. नाग प्रसाद और पता बेंगलुरु दर्ज है। अन्य तीन मृतकों की पहचान फिलहाल नहीं हो सकी है। पुलिस उनके परिजनों का पता लगाने में जुटी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राजगीर के डीएसपी, थानाध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। साक्ष्य संकलन के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। कमरे में मिले साक्ष्यों, फंदे की स्थिति और अन्य तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।
राजगीर थानाध्यक्ष रमन कुमार ने बताया कि सभी पर्यटक नेपाल से लौटते हुए राजगीर आए थे और आगे पावापुरी जाने की योजना थी। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया चल रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।



