भोपाल, 26 फरवरी।
मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के नौवें दिन गुरुवार को सिंगरौली जिले के धिरौली स्थित अडानी के कोल ब्लॉक को लेकर सदन में जोरदार हंगामा हुआ। विपक्ष ने मुआवजा वितरण में अनियमितता का आरोप लगाते हुए मामले की जांच विधानसभा समिति से कराने की मांग की। लगातार नारेबाजी के कारण दो बार सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुद्दा उठाते हुए कहा कि कोल ब्लॉक के लिए आठ गांवों की जमीन अधिग्रहित की जा रही है और हजारों परिवार प्रभावित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी परिवारों को पूरा मुआवजा नहीं मिला, जबकि कुछ बाहरी लोगों को भी मुआवजा दे दिया गया। उन्होंने विधानसभा समिति से निष्पक्ष जांच की मांग की।
इस पर मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि सरकार की नीति के अनुसार मुआवजा दिया जा रहा है और सूची सदन के पटल पर रखी जाएगी। यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो जांच कराई जाएगी। वहीं राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने बताया कि अब तक 1,552 परिवारों को मुआवजा दिया जा चुका है और पात्र आदिवासी परिवारों को समुचित राशि दी जाएगी।
हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने सदस्यों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि सरकार ने जांच का आश्वासन दिया है। बावजूद इसके विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते रहे। बाद में कांग्रेस विधायकों ने वॉकआउट कर दिया।
सरकार की ओर से कहा गया कि प्रभावित परिवारों को पूरा और उचित मुआवजा मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। वहीं विपक्ष ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।



