देहरादून, 24 फरवरी।
देहरादून में मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ग्रामीण उद्यम त्वरण परियोजना (ग्रामोत्थान) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 677.75 करोड़ रुपये की वार्षिक कार्ययोजना और बजट को मंजूरी प्रदान की गई।
सचिवालय में आयोजित उच्चाधिकार एवं मार्गदर्शन समिति की बैठक में सचिव डीएस गब्रियल ने वर्ष 2025-26 की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की तथा आगामी वर्ष की प्रस्तावित कार्ययोजना का विस्तृत ब्यौरा दिया। स्वीकृत योजना में स्वरोजगार, आजीविका संवर्धन, आय सृजन गतिविधियों, स्थानीय संसाधन विकास, कृषि एवं सहायक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर रहेगा।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि परियोजना से जुड़ी महिलाओं को केंद्र एवं राज्य सरकार की अन्य योजनाओं से जोड़ा जाए तथा योजनाओं के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित किया जाए। लाभार्थियों के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए ठोस निगरानी व्यवस्था विकसित करने पर बल दिया गया।
बैठक में समान प्रकृति के महिला स्वयं सहायता समूहों की पहचान कर उन्हें बेहतर स्वरोजगार अवसर उपलब्ध कराने की रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए गए। वर्ष 2026 को अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष के रूप में ध्यान में रखते हुए महिलाओं को वित्तीय, तकनीकी, पूंजीगत और संस्थागत सहयोग प्रदान करने की विस्तृत योजना बनाने को कहा गया।
ग्रामीण क्षेत्रों में निष्क्रिय पड़े विकास केंद्रों को सक्रिय करने पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने ऐसे केंद्रों की पहचान कर उन्हें ‘हाउस ऑफ हिमालय’ के माध्यम से उपयोग में लाने की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
उल्लेखनीय है कि ग्रामीण उद्यम त्वरण परियोजना राज्य के सभी जनपदों में ग्रामीण परिवारों की आजीविका मजबूत करने और पलायन रोकने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। इसके तहत कृषि, गैर-कृषि और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े लघु उद्यमों को वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
बैठक में अपर सचिव गिरधारी सिंह रावत, नवनीत पांडेय, झरना कमठान सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।



