लखनऊ, 23 फरवरी 2026।
उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश केंद्र बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सिंगापुर दौरे के दौरान प्रमुख संप्रभु निवेश संस्था जीआईसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लिम चो किआट और उनकी टीम के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस उच्च स्तरीय बैठक में उत्तर प्रदेश में जीआईसी के दीर्घकालिक निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने जीआईसी को उत्तर प्रदेश में निवेश अवसरों का अध्ययन करने के लिए आमंत्रित करते हुए राज्य की नीतिगत स्थिरता, सुशासन, मजबूत कानून व्यवस्था, 25 करोड़ से अधिक की विशाल उपभोक्ता आबादी और तेजी से विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क को प्रमुख आकर्षण बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश भारत की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और सरकार निवेशकों को सुरक्षित, पारदर्शी और अनुकूल वातावरण उपलब्ध करा रही है।
बैठक में औद्योगिक कॉरिडोर के किनारे लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग अवसंरचना विकास, अक्षय ऊर्जा एवं ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं, डेटा सेंटर एवं डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, वाणिज्यिक रियल एस्टेट, इंटीग्रेटेड टाउनशिप, फिनटेक और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को भविष्य के लिए तैयार औद्योगिक और आर्थिक हब बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। प्रदेश में एक्सप्रेस-वे नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स पार्क, डिफेंस कॉरिडोर, डेटा सेंटर पार्क और नए औद्योगिक शहरों का तेजी से विकास किया जा रहा है।
जीआईसी विश्व की प्रमुख संप्रभु संपत्ति निवेश संस्थाओं में शामिल है और भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर, रियल एस्टेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म क्षेत्रों में निवेश कर रही है। यह बैठक उत्तर प्रदेश में वैश्विक पूंजी प्रवाह को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है। राज्य में निवेश प्रोत्साहन अभियान के तहत उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी यूरोप दौरे पर हैं।



