लखनऊ/टोक्यो, 25 फरवरी 2026
उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश केंद्र बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान के टोक्यो में आयोजित यूपी निवेश रोड शो में जापानी उद्योगपतियों और निवेशकों को प्रदेश में निवेश का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज मजबूत सुरक्षा व्यवस्था, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, बड़ी बाजार क्षमता और युवा कार्यबल के कारण भारत का सबसे आकर्षक निवेश गंतव्य बन चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारत और जापान का औद्योगिक सहयोग आने वाले समय में नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा।
मुख्यमंत्री ने जापानी निवेशकों को उत्तर प्रदेश आकर निवेश करने और प्रदेश के धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थलों का भ्रमण करने का भी आग्रह किया। उन्होंने बताया कि भगवान राम और भगवान बुद्ध से जुड़े ऐतिहासिक और धार्मिक स्थल उत्तर प्रदेश में स्थित हैं। रामायण सर्किट और बौद्ध सर्किट के विकास से आध्यात्मिक पर्यटन को नई गति मिली है। उन्होंने सांस्कृतिक संबंधों का उल्लेख करते हुए जापान को सूर्य की उगती किरणों की भूमि बताया और दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों को साझा विरासत का हिस्सा बताया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार है, जहां 25 करोड़ से अधिक जनसंख्या रहती है। पिछले नौ वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय में लगभग तीन गुना वृद्धि हुई है। राज्य देश के 11 प्रतिशत कृषि क्षेत्र से 21 प्रतिशत खाद्यान्न उत्पादन करता है, जिससे फूड प्रोसेसिंग, एग्री लॉजिस्टिक्स और पैकेजिंग उद्योग में बड़े निवेश अवसर उपलब्ध हैं।
मुख्यमंत्री ने जल संसाधन, ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं और युवा कार्यबल की उपलब्धता को भी निवेश का बड़ा आधार बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में एक्सप्रेसवे नेटवर्क, देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। एक्सप्रेसवे के किनारे 27 औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने यीडा क्षेत्र में 500 एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही जापान इंडस्ट्रियल सिटी की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास जापानी निवेशकों के लिए विशेष औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है, जहां बेहतर कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स और निर्यात सुविधाएं उपलब्ध होंगी। राज्य में 16 हवाई अड्डे संचालित हैं, जिनमें 4 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश सुरक्षित है क्योंकि यहां स्केल, स्किल, स्टेबिलिटी और स्पीड चारों उपलब्ध हैं। राज्य में मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का 55 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट उत्पादन का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा होता है। सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, वेयरहाउसिंग और रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्रों में भी निवेश की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। हाल ही में नोएडा में सेमीकंडक्टर यूनिट की आधारशिला भी रखी गई है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के पास 75 हजार एकड़ का भूमि बैंक उपलब्ध है। बुंदेलखंड क्षेत्र में 56 हजार एकड़ भूमि पर नया औद्योगिक शहर विकसित किया जा रहा है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में मिले निवेश प्रस्तावों में से बड़ी परियोजनाएं जमीन पर उतर चुकी हैं। राज्य में 96 लाख एमएसएमई इकाइयों के माध्यम से तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है।
मुख्यमंत्री ने निवेशकों के लिए सिंगल विंडो सिस्टम, निवेश मित्र और निवेश सारथी जैसी व्यवस्थाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में 34 से अधिक सेक्टोरल नीतियां लागू हैं। उन्होंने पर्यटन, होटल, रेस्टोरेंट, इलेक्ट्रिक वाहन, फिनटेक, मेडटेक और डीप टेक सेक्टर में निवेश की अपार संभावनाओं का भी उल्लेख किया। कार्यक्रम में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नंदी, जापान में भारत की राजदूत और जापानी उद्योग जगत के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।



