22 फरवरी 2026
22 फरवरी 1997 का दिन विज्ञान के इतिहास में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, जब स्कॉटलैंड स्थित रोसलिन संस्थान के वैज्ञानिकों ने पहली बार किसी वयस्क कोशिका से स्तनधारी जीव का सफल क्लोन तैयार करने की घोषणा की। इस उपलब्धि को उस दौर की सबसे बड़ी वैज्ञानिक खोजों में शामिल किया गया। ‘डॉली’ नाम की यह क्लोन भेड़ 05 जुलाई 1996 को जन्मी थी, लेकिन इसकी आधिकारिक घोषणा सात महीने बाद फरवरी 1997 में की गई।
हालांकि इससे पहले भी क्लोनिंग के प्रयोग हुए थे, लेकिन वे केवल भ्रूण कोशिकाओं तक सीमित थे। डॉली का जन्म इसलिए ऐतिहासिक माना गया क्योंकि पहली बार किसी वयस्क यानी सोमैटिक कोशिका का उपयोग कर पूरा जीव तैयार किया गया। इस प्रयोग ने साबित किया कि परिपक्व कोशिकाओं को फिर से प्रोग्राम कर संपूर्ण जीव बनाया जा सकता है, जिससे आनुवंशिकी और जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा हुईं।
डॉली लगभग सात वर्ष तक जीवित रही और फरवरी 2003 में उसकी मृत्यु हो गई। उसका संरक्षित शरीर आज भी स्कॉटलैंड के नेशनल म्यूजियम ऑफ स्कॉटलैंड में रखा गया है, जहां लोग इस ऐतिहासिक और अनूठी वैज्ञानिक उपलब्धि को देख सकते हैं।


