रायपुर, 16 मार्च।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बीती रात राजधानी रायपुर के बीटीआई मैदान में छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत द्वारा आयोजित ‘चन्ड्र जी रात, सिंधिन जो मेलो – आनंद मेलो’ में शामिल हुए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सिंधी समाज का इतिहास पुरुषार्थ, साहस और आत्मसम्मान का प्रतीक रहा है। विभाजन के कठिन समय में आपके पूर्वजों ने अपने घर और संपत्ति छोड़ दी, लेकिन मेहनत और आत्मसम्मान कभी नहीं छोड़ा। सिंधी समाज ने शून्य से शिखर तक पहुँचने का रास्ता पूरी दुनिया को दिखाया।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में सिंधी समाज ने अहम योगदान दिया है। व्यापारिक गतिविधियों और रोजगार सृजन में आपकी मेहनत ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति दी है। भविष्य में विकसित छत्तीसगढ़ 2047 के सपने में भी सिंधी समाज का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के तहत किए गए अधिकांश वादों को पूरा कर लिया है और निरंतर विकास कार्य जारी हैं।
सिंधी समाज की संस्कृति, खान-पान और भाषा को नई पीढ़ी से जोड़ने में ‘सिंधियत जो मेलो’ जैसे आयोजन महत्वपूर्ण हैं। बीटीआई मैदान में जो उत्साह दिखाई दे रहा है, वह इस एकजुटता का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री साय ने सभी प्रदेशवासियों को चेट्रीचंड्र पर्व की अग्रिम शुभकामनाएँ दीं और मुख्य मंच से सिंधु दर्शन यात्रा का विमोचन भी किया। उन्होंने छत्तीसगढ़ सिंधी सेवा महापंचायत को इस आयोजन के लिए बधाई दी।
इस मौके पर छत्तीसगढ़ नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, धमतरी महापौर रामू रोहरा, सिंधी सेवा महापंचायत अध्यक्ष अमर गिदवानी और अन्य गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।



