जम्मू, 24 फरवरी 2026।
किश्तवाड़ जिले में ऑपरेशन त्राशी-I के दौरान आतंकवादियों की गोली से घायल हुए सेना के के-9 सैनिक कुत्ते ‘टायसन’ की हालत में अब तेजी से सुधार हो रहा है। यह वही बहादुर कुत्ता है जिसने रविवार को चत्रू क्षेत्र के पासरकुट में पहाड़ी की तलहटी में स्थित एक मिट्टी के मकान (धोक) में छिपे पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद कमांडर सैफुल्लाह और उसके दो साथियों को मार गिराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। टायसन ने आतंकियों के ठिकाने में घुसते ही पहली गोली अपने ऊपर ली, लेकिन इसके बावजूद उसने बहादुरी दिखाते हुए आगे बढ़कर आतंकियों पर हमला जारी रखा।
सेना के व्हाइट नाइट कोर ने बताया कि ऑपरेशन त्राशी-I के दौरान हमलावर कुत्ते टायसन ने असाधारण साहस का परिचय दिया। गोली लगने के बाद भी वह पीछे नहीं हटा और आतंकवादियों पर जोरदार हमला करता रहा, जिससे आतंकियों को गोलीबारी करनी पड़ी और उनकी मौजूदगी की पुष्टि हुई। टायसन की इस बहादुरी की वजह से व्हाइट नाइट कोर, पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों को आतंकवादियों को सटीक निशाना बनाकर खत्म करने में मदद मिली। सेना ने कहा कि टायसन की निडरता आतंकवाद विरोधी अभियानों में डॉग यूनिट की अहम भूमिका को दर्शाती है।
सेना के अनुसार, घायल होने के बावजूद टायसन की हालत तेजी से सुधर रही है। अगले पैर में चोट लगने के बाद इस बहादुर के-9 सिपाही को हेलीकॉप्टर से निकालकर पशु चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। व्हाइट नाइट कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल पी.के. मिश्रा ने पशु चिकित्सालय पहुंचकर टायसन की स्वास्थ्य स्थिति का जायजा लिया और चिकित्सा दल को सर्वोत्तम देखभाल देने के निर्देश दिए।



