वाराणसी, 16 मार्च।
उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी में सोमवार को नमामि गंगे से जुड़े स्वयंसेवकों ने राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन तथा जल शक्ति मंत्रालय के मार्गदर्शन में 16 से 31 मार्च तक चलने वाले गंगा स्वच्छता पखवाड़े का शुभारंभ किया। अभियान की शुरुआत सामने घाट पर गंगा तट की सफाई करके की गई।
सफाई अभियान से पहले स्वयंसेवकों ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया। इसके बाद सामने घाट पर गंगा स्नान के लिए आई माताओं, बहनों, युवाओं और बुजुर्गों के साथ राष्ट्रध्वज तथा स्वच्छता संदेश लिखी तख्तियां और कपड़े के झोले लेकर एक जागरूकता पदयात्रा निकाली गई।
पदयात्रा के बाद स्वयंसेवकों ने घाट पर सफाई अभियान चलाया। इस दौरान गंगा तट पर लोगों द्वारा विसर्जित किए गए कपड़े, पॉलिथीन में रखी पूजन सामग्री, धार्मिक तस्वीरें और अन्य कचरे को निकालकर साफ किया गया, ताकि गंगा तट स्वच्छ और सुरक्षित बना रहे।
इस अवसर पर गंगा सेवक राजेश शुक्ला ने कहा कि गंगा को स्वच्छ और सुरक्षित बनाए रखने के लिए जनभागीदारी बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि इस पखवाड़े के दौरान गंगा तटों की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। गंगा हमारी आस्था, संस्कृति और परंपरा की प्रतीक है, इसलिए हर नागरिक को इसके संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए। इससे समाज में जागरूकता बढ़ेगी और अधिक से अधिक लोग गंगा सफाई के अभियान से जुड़ेंगे।
राजेश शुक्ला ने जानकारी दी कि 16 से 31 मार्च तक चलने वाले गंगा स्वच्छता पखवाड़े के दौरान गंगा किनारे बसे सभी राज्यों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में गंगा संदेश यात्रा, गंगा स्वच्छता श्रमदान, गंगा विषय पर गोष्ठियां, गंगा प्रदर्शनी, गंगा स्वच्छता पर आधारित चित्रकला प्रतियोगिता, वृक्षारोपण अभियान और जागरूकता रैलियां शामिल रहेंगी।



