नई दिल्ली, 14 फ़रवरी।
वैष्णव ने पत्रकार वार्ता में केंद्रीय कैबिनेट और सीसीए बैठक के निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को ‘युगे युगेन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय’ के रूप में विकसित किया जाएगा, जो भारत की हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करेगा तथा भावी पीढ़ियों को प्रेरित करेगा।
उन्होंने कहा कि 13 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नए प्रधानमंत्री कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ को राष्ट्र को समर्पित किया और इसे भारत की ऐतिहासिक गुलामी से विकसित भारत की ओर बढ़ते कदम का प्रतीक बताया। साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक का निर्माण अंग्रेजों के काल में हुआ था और स्वतंत्रता के बाद से प्रधानमंत्री कार्यालय साउथ ब्लॉक से संचालित होता रहा।
वैष्णव ने बताया कि साउथ ब्लॉक विभाजन, युद्ध और आपातकाल जैसी ऐतिहासिक घटनाओं का साक्षी रहा है और यहीं से डिजिटल गवर्नेंस की ओर लंबी छलांग लगी। पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह भवन अनेक ऐतिहासिक निर्णयों का केंद्र रहा, जिसमें डीबीटी, स्वच्छ भारत अभियान, डिजिटल इंडिया, जीएसटी, अनुच्छेद 370 हटाना, तीन तलाक कानून, सर्जिकल स्ट्राइक और अन्य सुरक्षा निर्णय शामिल हैं।
मंत्री ने कहा कि आधुनिक, तकनीक-संपन्न और पर्यावरण-अनुकूल कार्यस्थल की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ‘सेवा तीर्थ’ की स्थापना की गई है, जो कर्मयोगियों की कार्यक्षमता और सेवा भाव को सुदृढ़ करेगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शासन के केंद्र को औपनिवेशिक अतीत से ‘सेवा तीर्थ’ में स्थानांतरित करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया।



