नई दिल्ली, 03 मार्च 2026।
ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज पर आपूर्ति किए गए सामान का ‘गलत क्लासिफिकेशन’ दिखाकर जीएसटी चोरी करने के आरोप में 4.24 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। कंपनी को कुल 6.37 करोड़ रुपये का नोटिस जारी किया गया है। कंपनी ने कहा है कि वह इस आदेश के खिलाफ उपलब्ध कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है।
ब्रिटानिया ने मंगलवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि यह आदेश केंद्रीय माल एवं सेवा कर (सीजीएसटी) और केंद्रीय उत्पाद शुल्क आयुक्त, ठाणे कार्यालय की ओर से जारी किया गया है। मामला वित्त वर्ष 2020-21 से 2023-24 की अवधि से संबंधित है। कंपनी का कहना है कि इस नोटिस से उसके कारोबार या वित्तीय स्थिति पर कोई महत्वपूर्ण प्रभाव नहीं पड़ेगा। साथ ही कंपनी ने स्पष्ट किया है कि वह आदेश के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी।
कंपनी को यह आदेश जीएसटी अधिनियम की धारा 74 के तहत सीजीएसटी और सेंट्रल एक्साइज कमिश्नर कार्यालय से जारी किया गया है। इसमें आपूर्ति किए गए सामान का ‘गलत क्लासिफिकेशन’ कर कर भुगतान से बचने का आरोप लगाया गया है। विभाग ने कंपनी को 2.12 करोड़ रुपये कर और 4.24 करोड़ रुपये जुर्माना जमा करने का निर्देश दिया है, जिससे कुल मांग 6.37 करोड़ रुपये की बनती है। इसके अतिरिक्त कंपनी को ब्याज भी अदा करना होगा।



