नई दिल्ली, 09 मार्च।
डोरशिपिंग, टेलीशॉपिंग और सीमा पार बिक्री से जुड़ी ई-कॉमर्स गतिविधियों में काम करने वाली कंपनी ऐसटेक ई-कॉमर्स के शेयरों ने सोमवार को शेयर बाजार में सपाट शुरुआत की। आरंभिक सूचीबद्धता बिना किसी उतार-चढ़ाव के उसी कीमत पर हुई, जिस भाव पर कंपनी ने अपना सार्वजनिक निर्गम जारी किया था। हालांकि बाजार में लिस्टिंग के तुरंत बाद निवेशकों की खरीदारी बढ़ने से शेयरों में तेजी आ गई और थोड़ी ही देर में यह ऊपरी सर्किट तक पहुंच गया।
कंपनी ने अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम के तहत शेयर 112 रुपये प्रति शेयर के भाव पर जारी किए थे। राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज के लघु और मध्यम उद्यम मंच पर इसकी सूचीबद्धता भी इसी स्तर पर हुई। इसके बाद निवेशकों की लिवाली के कारण शेयर का मूल्य बढ़कर 117.60 रुपये तक पहुंच गया, जो दिन का ऊपरी सर्किट स्तर रहा। इस प्रकार पहले ही दिन सार्वजनिक निर्गम में निवेश करने वालों को प्रति शेयर लगभग 5.60 रुपये यानी करीब पांच प्रतिशत का लाभ मिला।
कंपनी का लगभग 48.95 करोड़ रुपये का सार्वजनिक निर्गम 27 फरवरी से 4 मार्च तक निवेश के लिए खुला था। इस निर्गम को निवेशकों की ओर से सीमित प्रतिक्रिया मिली और यह कुल मिलाकर करीब 1.14 गुना ही सब्सक्राइब हो पाया। इसमें योग्य संस्थागत खरीदारों के लिए आरक्षित हिस्सा पूरी तरह भरा, जबकि गैर-संस्थागत निवेशकों के हिस्से में लगभग 157 प्रतिशत आवेदन आए। खुदरा निवेशकों के लिए निर्धारित हिस्से को करीब 116 प्रतिशत सदस्यता प्राप्त हुई।
इस निर्गम के माध्यम से कंपनी ने 10 रुपये अंकित मूल्य वाले कुल 43,70,400 नए शेयर जारी किए। सार्वजनिक निर्गम से प्राप्त धनराशि का उपयोग कंपनी अपने विपणन और प्रचार गतिविधियों, कार्यशील पूंजी की आवश्यकताओं तथा सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों को पूरा करने में करेगी।
कंपनी द्वारा बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत प्रारूप रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में उसकी वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 1.52 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो 2023-24 में बढ़कर 4.02 करोड़ रुपये और 2024-25 में बढ़कर 6.88 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही, अर्थात अप्रैल से 30 सितंबर 2025 के बीच, कंपनी को 5.74 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हो चुका है।
इसी अवधि में कंपनी के कुल राजस्व में भी निरंतर वृद्धि दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2022-23 में राजस्व 52.48 करोड़ रुपये था, जो 2023-24 में बढ़कर 60.28 करोड़ रुपये और 2024-25 में 70.41 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में कंपनी को लगभग 40.44 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
रिजर्व और सरप्लस के आंकड़ों में उतार-चढ़ाव देखा गया। वर्ष 2022-23 में यह 1.86 करोड़ रुपये था, जो 2023-24 में बढ़कर 5.88 करोड़ रुपये हो गया। इसके बाद 2024-25 में यह घटकर 3.76 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में यह बढ़कर लगभग 10.11 करोड़ रुपये के स्तर तक पहुंच गया।
कंपनी की ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की आय भी लगातार बढ़ी है। वर्ष 2022-23 में यह 2.42 करोड़ रुपये थी, जो 2023-24 में बढ़कर 6.64 करोड़ रुपये और 2024-25 में 9.34 करोड़ रुपये हो गई। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में यह आंकड़ा 7.78 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।



