नई दिल्ली, 16 फरवरी।
आईआईएफएल फाइनेंस के शेयरों ने सोमवार को शेयर बाजार में सपाट शुरुआत की, लेकिन कुछ ही देर में गिरावट के चलते आईपीओ निवेशकों को नुकसान का सामना करना पड़ा। नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी के इस आईपीओ का इश्यू प्राइस 129 रुपये प्रति शेयर तय किया गया था। बीएसई और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग बिना किसी उतार-चढ़ाव के 129 रुपये पर ही हुई।
लिस्टिंग के बाद शुरुआती खरीदारी के समर्थन से शेयर 132.75 रुपये तक उछला, लेकिन जल्द ही बिकवाली का दबाव बढ़ गया और यह 120.60 रुपये तक फिसल गया। सुबह 11 बजे तक यह शेयर 123.50 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इस प्रकार अब तक के कारोबार में आईपीओ निवेशकों को 4.26 प्रतिशत का नुकसान हो चुका था।
1,010 करोड़ रुपये का यह आईपीओ 9 से 11 फरवरी के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। निवेशकों की ओर से इसे फीकी प्रतिक्रिया मिली और यह कुल मिलाकर 1.04 गुना ही सब्सक्राइब हो सका। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.62 गुना भरा, जबकि नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) का कोटा मात्र 0.05 गुना ही सब्सक्राइब हुआ। रिटेल निवेशकों का हिस्सा 0.81 गुना भरा।
आईपीओ के तहत 710 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए गए हैं। वहीं ऑफर फॉर सेल के जरिए दो रुपये फेस वैल्यू वाले 2,32,55,812 शेयर बेचे गए। नए शेयरों से जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी अपने कैपिटल बेस को मजबूत करने और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।
कंपनी की वित्तीय स्थिति पर नजर डालें तो सेबी के पास दाखिल ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) के अनुसार इसका प्रदर्शन लगातार बेहतर हुआ है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 39.87 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो 2023-24 में बढ़कर 171.68 करोड़ रुपये और 2024-25 में 175.25 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही, यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी 64.60 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमा चुकी है।
राजस्व के मोर्चे पर भी कंपनी ने मजबूत वृद्धि दर्ज की है। वित्त वर्ष 2022-23 में कुल राजस्व 643.34 करोड़ रुपये रहा, जो 2023-24 में बढ़कर 1,071.75 करोड़ रुपये और 2024-25 में 1,504.99 करोड़ रुपये हो गया। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में कंपनी 863.02 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित कर चुकी है।



