नई दिल्ली, 09 मार्च।
इस्पात क्षेत्र में कार्यरत कंपनी राजपूताना स्टेनलेस लिमिटेड ने लगभग 254.98 करोड़ रुपये का अपना प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम निवेशकों के लिए खोल दिया है। निवेशक इस निर्गम में 11 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं। बोली प्रक्रिया समाप्त होने के बाद 12 मार्च को शेयरों का आवंटन किया जाएगा, जबकि 13 मार्च को सफल निवेशकों के डीमैट खाते में शेयर जमा किए जाने की संभावना है। कंपनी के शेयर 16 मार्च को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध हो सकते हैं।
इस सार्वजनिक निर्गम के लिए प्रति शेयर 116 रुपये से 122 रुपये का मूल्य दायरा तय किया गया है। आवेदन के लिए न्यूनतम लॉट आकार 110 शेयरों का रखा गया है। खुदरा निवेशक कम से कम एक लॉट यानी 110 शेयरों के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिसके लिए उन्हें लगभग 13,420 रुपये का निवेश करना होगा। वहीं खुदरा निवेशक अधिकतम 14 लॉट के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिसके लिए करीब 1,87,880 रुपये का निवेश करना पड़ेगा।
इस निर्गम के अंतर्गत 10 रुपये अंकित मूल्य वाले कुल 2.09 करोड़ शेयर जारी किए जा रहे हैं। इनमें से लगभग 1,46,50,000 नए शेयर जारी किए जाएंगे, जिनकी कीमत करीब 179 करोड़ रुपये है। इसके अलावा 62,50,000 शेयर ऑफर फॉर सेल के माध्यम से बेचे जाएंगे, जिनकी कुल कीमत लगभग 75.98 करोड़ रुपये है।
इश्यू में योग्य संस्थागत खरीदारों के लिए 50 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित रखा गया है। इसके अलावा खुदरा निवेशकों के लिए 35 प्रतिशत और गैर-संस्थागत निवेशकों के लिए 15 प्रतिशत हिस्सा निर्धारित किया गया है। इस निर्गम के लिए निर्भय कैपिटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड प्रबंधक नियुक्त किया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी दी गई है।
कंपनी द्वारा भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड को सौंपे गए प्रारूप रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के अनुसार बीते कुछ वर्षों में कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन में लगातार सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 24.04 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो 2023-24 में बढ़कर 31.63 करोड़ रुपये और 2024-25 में बढ़कर 39.85 करोड़ रुपये हो गया। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही यानी अप्रैल से 30 सितंबर 2025 के बीच कंपनी को 24.41 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ है।
राजस्व के मामले में कंपनी के आंकड़ों में हल्का उतार-चढ़ाव देखा गया। वर्ष 2022-23 में कंपनी का कुल राजस्व 950.69 करोड़ रुपये था, जो 2023-24 में घटकर 915.50 करोड़ रुपये रह गया। इसके बाद 2024-25 में यह फिर बढ़कर 937.49 करोड़ रुपये हो गया। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में कंपनी को लगभग 502.77 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
कंपनी के कर्ज में भी समय-समय पर बदलाव देखा गया है। वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 79.83 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो 2023-24 में थोड़ा घटकर 79.76 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि 2024-25 में यह बढ़कर 99.75 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह कर्ज लगभग 85.91 करोड़ रुपये रहा।
कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2022-23 में यह 46.73 करोड़ रुपये था, जो 2023-24 में बढ़कर 78.36 करोड़ रुपये और 2024-25 में 83.75 करोड़ रुपये हो गया। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही तक यह बढ़कर लगभग 108.16 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की आय में भी बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2022-23 में यह 43.85 करोड़ रुपये थी, जो 2023-24 में बढ़कर 59.41 करोड़ रुपये हो गई। इसके बाद 2024-25 में यह बढ़कर 73.79 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में यह लगभग 45.92 करोड़ रुपये रही।



