कोलकाता, 07 मार्च 2026।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने शनिवार को आरोप लगाया कि राज्य में आने वाले नए राज्यपाल आरएन रवि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता की तरह काम करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व राज्यपाल सीवी आनंद बोस का अचानक पद छोड़ना केंद्र सरकार के दबाव का परिणाम है।
मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के विरोध में चल रहे अपने धरना प्रदर्शन के दूसरे दिन समर्थकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार विधानसभा चुनाव से पहले लोक भवन को राजनीतिक केंद्र बनाने की कोशिश कर रही है।
ममता बनर्जी ने कहा कि क्या किसी ने देखा कि आनंद बोस को किस तरह हटाया गया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें इसके बारे में पूरी जानकारी है और कहा कि उन पर दबाव डाला गया था। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि लोक भवन से धन वितरण की योजना बनाकर उसे भाजपा का कार्यालय बनाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन दिल्ली की हर मंशा यहां पूरी नहीं होने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने आरएन रवि के तमिलनाडु में रहे कार्यकाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वहां उनके कार्यकाल के दौरान उन्हें उच्चतम न्यायालय की कई टिप्पणियों का सामना करना पड़ा था। ममता बनर्जी ने कहा कि जो व्यक्ति अब पश्चिम बंगाल आ रहे हैं, उनके बारे में सुना है कि उन्हें उच्चतम न्यायालय से कई बार फटकार मिली है और वह भाजपा के कार्यकर्ता हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम बंगाल अलग राज्य है और तमिलनाडु की तरह यहां वैसा कुछ नहीं हो पाएगा।
ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र किसी भी व्यक्ति को उसका कार्यकाल पूरा करने का अवसर नहीं दे रहा है। इस संदर्भ में उन्होंने पूर्व राज्यपाल और पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की कार्यशैली की तुलना मध्यकालीन शासक मुहम्मद बिन तुगलक से करते हुए कहा कि यदि राज्य को धमकाने का प्रयास किया गया तो भाजपा की केंद्र सरकार के खिलाफ भी संघर्ष किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि पूर्व राज्यपाल सीवी आनंद बोस के अचानक इस्तीफे के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने कहा था कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें जानकारी दी है कि आरएन रवि पश्चिम बंगाल के नए राज्यपाल होंगे, हालांकि उन्होंने अभी तक औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण नहीं किया है।



