नई दिल्ली, 14 मार्च 2026।
विज्ञान के इतिहास में 14 मार्च की तारीख विशेष महत्व रखती है। इसी दिन आधुनिक भौतिकी को नई दिशा देने वाले महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन का जन्म हुआ था। 14 मार्च 1879 को जर्मनी में जन्मे आइंस्टीन ने सापेक्षता का सिद्धांत और द्रव्यमान-ऊर्जा संबंध का प्रसिद्ध समीकरण ई = एमसी² जैसे क्रांतिकारी सिद्धांत दिए, जिन्होंने समय, अंतरिक्ष और ऊर्जा को समझने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया।
संयोग से इसी तारीख से एक और महान वैज्ञानिक की याद भी जुड़ी है। प्रसिद्ध ब्रिटिश भौतिक विज्ञानी स्टीफन हॉकिंग का मार्च 2018 में निधन हुआ। हॉकिंग ने अंतरिक्ष भौतिकी और ब्रह्माण्ड विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया और ब्लैक होल तथा क्वांटम ग्रेविटी पर अपने शोध से विज्ञान जगत को नई दिशा दी।
गंभीर बीमारी के बावजूद हॉकिंग ने व्हीलचेयर पर रहते हुए भी शोध कार्य जारी रखा। अपने अद्भुत ज्ञान और जिज्ञासा के बल पर उन्होंने दुनिया के प्रमुख सैद्धांतिक भौतिकविदों में स्थान बनाया। उन्हें अक्सर आइंस्टीन के बाद सबसे प्रभावशाली वैज्ञानिकों में गिना जाता है।
इस तरह 14 मार्च का दिन विज्ञान जगत के दो महान मस्तिष्कों, आइंस्टीन और हॉकिंग की प्रतिभा और योगदान की याद दिलाने वाली महत्वपूर्ण तारीख के रूप में जाना जाता है।



