इस्तांबुल, 07 मार्च 2026।
पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी टकराव के बीच खाड़ी क्षेत्र में तनाव और गहरा गया है। ईरान की ओर से सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कतर की दिशा में दागे गए मिसाइलों और ड्रोन को इन देशों की वायु रक्षा प्रणालियों ने बड़े पैमाने पर रोकते हुए निष्क्रिय कर दिया। कतर ने दावा किया है कि ईरान द्वारा भेजे गए 10 ड्रोन में से 9 को मार गिराया गया, जबकि एक ड्रोन सुनसान क्षेत्र में गिरा और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
कतर के रक्षा मंत्रालय के अनुसार ईरान की ओर से देश पर 10 ड्रोन से हमला किया गया था। इनमें से 9 ड्रोन को वायु रक्षा प्रणाली ने हवा में ही नष्ट कर दिया, जबकि एक ड्रोन दूरस्थ निर्जन इलाके में गिर गया। इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि या बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।
मंत्रालय का कहना है कि कतर की सशस्त्र सेनाएं देश की संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम हैं। साथ ही नागरिकों और विदेशियों से शांत रहने तथा अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि अल-खार्ज स्थित प्रिंस सुल्तान एयर बेस की ओर दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया। इसके अलावा शायबा ऑयलफील्ड की ओर बढ़ रहे छह ड्रोन भी वायु रक्षा प्रणाली ने मार गिराए। इससे पहले रियाद के पूर्वी हिस्से में एक अन्य ड्रोन को भी नष्ट किया गया था।
संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय के अनुसार उसकी वायु रक्षा प्रणाली ईरान की ओर से आने वाले मिसाइल और ड्रोन खतरों का लगातार जवाब दे रही है। बढ़ते तनाव के कारण दुबई में हवाई यातायात भी प्रभावित हुआ। उड़ानों की निगरानी करने वाली सेवा के मुताबिक दुबई आने वाली कई उड़ानें एयरपोर्ट के ऊपर होल्डिंग पैटर्न में रहीं।
बहरीन के गृह मंत्रालय ने नागरिकों को सतर्क रहने और नजदीकी सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। कुछ ही घंटों के अंतराल में देश में दूसरी बार चेतावनी सायरन बजाए गए।
कतर की सिविल एविएशन अथॉरिटी ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों के समन्वय से सीमित क्षमता के साथ एयर नेविगेशन सेवाओं को दोबारा शुरू किया जा रहा है। इस चरण में यात्रियों को बाहर निकालने के लिए कुछ निर्धारित उड़ानों का संचालन किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही ईरान के जवाबी हमलों की तीव्रता सीमित हो, लेकिन ऐसी घटनाएं भी वैश्विक तेल बाजार, हवाई यात्रा और क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर डालने के लिए पर्याप्त हैं।
उल्लेखनीय है कि 28 फरवरी से ईरान इजराइल और खाड़ी देशों की दिशा में मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है। इन देशों में कई स्थानों पर अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं। कुछ हमलों में बंदरगाहों और रिहायशी इमारतों जैसे नागरिक ठिकानों को भी नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं।
तेहरान का कहना है कि ये हमले ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजराइल के सैन्य अभियान के जवाब में किए जा रहे हैं।



