अंकारा, 09 मार्च।
पूर्वी भूमध्यसागर में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष के बीच सुरक्षा की चिंताओं को देखते हुए तुर्किये ने उत्तरी साइप्रस में अपने सैन्य बलों को मज़बूत किया है। तुर्किये ने टीआरएनसी (तुर्किये रिपब्लिक ऑफ नॉर्दर्न साइप्रस) में छह एफ-16 लड़ाकू विमान और वायु रक्षा प्रणाली तैनात की है। यह कदम रक्षा मंत्रालय की सुरक्षा उपायों के तहत तैयार की जा रही चरणबद्ध योजना का हिस्सा बताया गया है।
तुर्किये के रक्षा मंत्रालय ने बयान में कहा कि इलाके की सुरक्षा बढ़ाने के लिए धीरे-धीरे कदम उठाए जा रहे हैं और हालात बदलने के अनुसार सरकार आगे भी नए कदम उठाती रहेगी। टीआरएनसी को केवल तुर्किये ही मान्यता देता है।
हाल ही में साइप्रस के ब्रिटिश सैन्य अड्डे के पास ईरान निर्मित ड्रोन गिरने की घटना के बाद यह कदम और महत्वपूर्ण हो गया है। साइप्रस का कहना है कि ड्रोन संभवतः लेबनान स्थित ईरान समर्थित हिज़्बुल्लाह संगठन ने दागा था। इस घटना के बाद यूरोपीय देशों ने साइप्रस को एयर डिफेंस सिस्टम और अन्य सैन्य संसाधन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। साइप्रस फिलहाल यूरोपीय संघ की रोटेटिंग प्रेसीडेंसी भी संभाल रहा है।
तुर्किये के रक्षा मंत्री यासर गुलर ने कहा कि तुर्किये और इजराइल के बीच सीधे सैन्य टकराव की संभावना “बेहद कम” है। उन्होंने कहा कि संभावित गलतफहमियों को रोकने के लिए दोनों पक्षों के बीच संचार चैनल बनाए गए हैं। हालांकि, गाजा युद्ध और सीरिया में इजराइली गतिविधियों को लेकर अक्सर तनाव बना रहता है।
साथ ही, यासर गुलर ने अमेरिका से मांग की है कि तुर्किये को एफ-35 लड़ाकू विमान कार्यक्रम में दोबारा शामिल किया जाए। अमेरिका ने तुर्किये को पहले इस कार्यक्रम से बाहर किया था क्योंकि उसने रूस से एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम खरीदा था, जिसे एफ-35 की स्टेल्थ तकनीक के लिए खतरा बताया गया था।



