नई दिल्ली, 09 मार्च।
लोकसभा के बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन सोमवार को विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही कल (मंगलवार) तक के लिए स्थगित कर दी गई। पीठासीन अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने लोकसभा में व्यवधान डाल रहे विपक्षी सांसदों को कड़ा संदेश दिया और उनकी जिम्मेदारीहीनता पर नज़र डालते हुए कड़ी आलोचना की।
विपक्षी दलों के सांसदों ने अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध को लेकर सदन में हंगामा किया। उन्होंने पश्चिम एशिया में स्थिति और उसके भारत पर प्रभाव पर चर्चा की मांग की। सरकार ने कहा कि विपक्ष लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आया है और इस पर चर्चा करने के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष पश्चिम एशिया की परिस्थितियों पर बहस करना चाहता था। इस पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सदन में विस्तृत उत्तर दिया।

जगदंबिका पाल ने विपक्ष के इस व्यवहार से नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सदन चलाने में डेढ़ करोड़ रुपये प्रति घंटा खर्च होता है। एक मिनट का खर्च ढाई लाख रुपये है और एक दिन में नौ करोड़ रुपये व्यय होते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार के कारण जनता का पैसा बर्बाद हो रहा है।
पीठासीन अध्यक्ष पाल ने स्पष्ट किया कि देश देख रहा है कि सरकार सदन चलाना चाहती है, लेकिन विपक्ष इसे रोक रहा है। इसे अपरिपक्व और गैर-जिम्मेदाराना आचरण बताया। इसके बाद भी व्यवधान जारी रहने पर लोकसभा की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।



