नई दिल्ली, 09 मार्च।
संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण दोपहर 3 बजे तक स्थगित कर दी गई।
लोकसभा की कार्यवाही पूर्वाह्न 11 बजे शुरू हुई थी, लेकिन विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण दोपहर 12 बजे तक के लिए पहले ही स्थगित करना पड़ा। दोपहर 12 बजे जब कार्यवाही फिर शुरू हुई, तो पश्चिम एशिया में सैन्य संघर्ष के मुद्दे पर विपक्षी सदस्य हंगामा करने लगे। पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल ने प्रश्नकाल के दौरान संबंधित मंत्रियों को प्रश्नों के उत्तर देने के लिए आमंत्रित किया।
इस दौरान संसदीय कार्य राज्यमंत्री अर्जुनराम मेघवाल, गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री सुरेश गोपी, खेल राज्यमंत्री रक्षा खडसे और सड़क परिवहन से जुड़े प्रश्नों पर मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने अपने-अपने विभागों से संबंधित प्रश्नों के उत्तर सदन के पटल पर रखे।
विपक्षी सांसदों का हंगामा पश्चिम एशिया में तनाव और भारत की ऊर्जा सुरक्षा तथा विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा पर केंद्रित रहा। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के असदुद्दीन ओवैसी ने भी सदन में भारत के रुख पर जानकारी मांगी। पीठासीन अधिकारी ने बताया कि विदेश मंत्री एस जयशंकर इस विषय पर जानकारी देंगे। इसके बावजूद कई विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते रहे।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सदन को पश्चिम एशिया की स्थिति, भारत की ऊर्जा जरूरतों और वहां फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सरकार के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
पीठासीन अधिकारी जगदंबिका पाल ने बार-बार हंगामा कर रहे सांसदों से शांति बनाए रखने और सरकार की बात सुनने की अपील की। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री ने स्थिति स्पष्ट कर दी और आवश्यक कदमों की जानकारी भी दी। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने विपक्ष के रवैये पर आपत्ति जताई और कहा कि विपक्ष को स्वयं स्पष्ट नहीं है कि वह क्या चाहता है।
पीठासीन अधिकारी ने विपक्षी सदस्यों से कहा कि लोकसभा अध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए सदन तैयार है, लेकिन विपक्ष चर्चा से बच रहा है। लगातार हंगामे और नारेबाजी के चलते अंततः कार्यवाही अपराह्न 03 बजे तक स्थगित कर दी गई।



