नई दिल्ली, 24 फरवरी।
भारतीय लंबी दूरी की धाविका पूजा आत्माराम पर एथलेटिक्स इंटीग्रिटी यूनिट ने डोप परीक्षण से बचने के मामले में तीन वर्ष का प्रतिबंध लगा दिया है। विस्तृत फैसले में इकाई ने बताया कि खिलाड़ी ने औपचारिक सूचना मिलने के बाद नमूना देने से इनकार किया और निगरानी अधिकारी से बचकर भीड़ में चली गईं।
जारी बयान के अनुसार, दौड़ समाप्त होते ही डोपिंग नियंत्रण अधिकारी ने उन्हें मौखिक रूप से परीक्षण के लिए सूचित किया, लेकिन उन्होंने डोपिंग नियंत्रण प्रपत्र पर हस्ताक्षर नहीं किए। इसके बाद उन्हें निगरानी अधिकारी के साथ डोपिंग नियंत्रण केंद्र ले जाया जा रहा था, तभी वह अचानक विपरीत दिशा में भाग गईं और भीड़ में ओझल हो गईं।
निगरानी अधिकारी ने उनका पीछा किया, लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण वह नजरों से गायब हो गईं। बाद में डोपिंग नियंत्रण अधिकारी और रेस निदेशक ने फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, परंतु कोई जवाब नहीं मिला। अंततः उनका नमूना एकत्र नहीं किया जा सका।
30 वर्षीय पूजा आत्माराम 5000 मीटर और 10,000 मीटर स्पर्धाओं में हिस्सा लेती हैं। 23 नवंबर 2025 को मुंबई में आयोजित इंडियन ऑयल डब्ल्यूएनसी नेवी हाफ मैराथन जीतने के बाद उन्हें डोप परीक्षण के लिए चुना गया था।
3 फरवरी 2026 को उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई। 9 फरवरी को उन्होंने लिखित माफी भेजी और 17 फरवरी को डोप निरोधक नियम उल्लंघन स्वीकार करते हुए परिणामों को मानने का प्रपत्र जमा किया।
प्रारंभ में चार वर्ष का प्रतिबंध प्रस्तावित था, लेकिन गलती स्वीकार करने और जांच में सहयोग करने के आधार पर एक वर्ष की छूट देते हुए तीन वर्ष का प्रतिबंध लगाया गया। यह प्रतिबंध 3 फरवरी 2026 से प्रभावी होगा। साथ ही 23 नवंबर 2025 और उसके बाद के उनके सभी परिणाम रद्द कर दिए गए हैं।



