बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेता तारिक रहमान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजरें टिकी हुई हैं। तारिक का जीवन कई उतार-चढ़ावों से गुजरा है और उन्हें राजनीति पारिवारिक विरासत के रूप में मिली। इसी वर्ष 25 जनवरी को वह लंदन से सपरिवार स्वदेश लौटे। घर वापसी के महज पांच दिन बाद उनकी मां और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया का निधन हो गया, जिसके बाद उन्होंने पार्टी की कमान संभाली।
तारिक के पिता जिया-उर-रहमान देश के राष्ट्रपति रह चुके हैं। 1990 के दशक में तारिक सक्रिय राजनीति में आए। वर्ष 2001 से 2006 तक बीएनपी शासनकाल में वह पार्टी के भीतर अत्यंत प्रभावशाली माने गए और उस दौर में उन्हें ‘डार्क प्रिंस’ के नाम से भी जाना गया। 2007 में सैन्य समर्थित अंतरिम सरकार के समय उन पर भ्रष्टाचार समेत कई आरोप लगे और उन्हें करीब डेढ़ वर्ष जेल में रहना पड़ा। बाद में इलाज के लिए वह लंदन चले गए और वहीं से पार्टी गतिविधियों का संचालन करते रहे। 2018 और 2021 में उन्हें भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और 2004 के ग्रेनेड हमले से जुड़े मामलों में दोषी ठहराया गया।
इन परिस्थितियों में उनकी स्वदेश वापसी की संभावना लगभग समाप्त हो गई थी। हालांकि 2024 में शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद अदालतों ने उनके खिलाफ कई फैसलों को पलट दिया, जिससे उनकी वापसी और सक्रिय राजनीति का मार्ग प्रशस्त हुआ। लगभग 17 वर्षों बाद वह देश लौट सके।
20 नवंबर 1965 को जन्मे तारिक की पत्नी जुबैदा रहमान पेशे से डॉक्टर हैं। उनका जन्म 18 मई 1972 को सिलहट में हुआ। उन्होंने ढाका मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की और 1995 में सरकारी सेवा में शामिल हुईं। 2008 में वह अध्ययन अवकाश पर लंदन गईं, बाद में उन्हें सरकारी पद से हटा दिया गया। लंदन में उन्होंने इंपीरियल कॉलेज से चिकित्सा में स्नातकोत्तर उपाधि हासिल की। उनका परिवार भी प्रभावशाली रहा है। उनके पिता रियर एडमिरल महबूब अली खान बांग्लादेश नौसेना प्रमुख रहे और बाद में मंत्री बने, जबकि उनके चाचा जनरल एमएजी उस्मानी मुक्ति युद्ध के दौरान कमांडर-इन-चीफ थे।
जुबैदा भी कानूनी विवादों से अछूती नहीं रहीं। 2008 में भ्रष्टाचार निरोधक आयोग ने उनके, तारिक और उनकी मां के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था। ढाका की अदालत ने उन्हें सजा सुनाई, लेकिन अवामी लीग सरकार के पतन के बाद इस पर रोक लगा दी गई। तारिक रहमान की बेटी जायमा ने लंदन की क्वीन मैरी यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की और लिंकन यूनिवर्सिटी से बैरिस्टर की डिग्री प्राप्त की। वह लंदन में प्रैक्टिसिंग बैरिस्टर के रूप में कार्य कर चुकी हैं और उन्हें पार्टी की अगली पीढ़ी के चेहरे के तौर पर देखा जा रहा है।



