कोलकाता, 24 फरवरी।
भारतीय जनता पार्टी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर राज्य सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला है। मंगलवार को कोलकाता में आयोजित पत्रकार वार्ता में भाजपा नेता शमिक भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया को जानबूझकर बाधित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल सहित देश के 11 राज्यों में यह प्रक्रिया शुरू की गई थी, जिनमें से 10 राज्यों में यह शांतिपूर्वक पूर्ण हो चुकी है। केरल और तमिलनाडु जैसे गैर-भाजपा शासित राज्यों में भी बिना किसी विवाद के पुनरीक्षण संपन्न हुआ, लेकिन पश्चिम बंगाल में हिंसा, अवरोध और प्रशासनिक पक्षपात के आरोप सामने आ रहे हैं।
भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि राज्य में जानबूझकर अशांति का वातावरण बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर न्यायाधीशों की निगरानी में एसआईआर कराए जाने की स्थिति राज्य प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाती है।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए जा रहे हैं तथा बीएलए-2 के नाम पर फॉर्म-7 दाखिल कर मतदाता सूची में हेरफेर का प्रयास किया जा रहा है। पार्टी का रुख स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा, ‘बिना एसआईआर नहीं वोट।’
भाजपा नेता ने कहा कि त्रुटिरहित और पारदर्शी मतदाता सूची तैयार करना भारतीय निर्वाचन आयोग की संवैधानिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आयोग के वरिष्ठ अधिकारी ज्ञानेश कुमार से पश्चिम बंगाल का दौरा कर जमीनी स्थिति का निरीक्षण करने की मांग की।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एसआईआर प्रक्रिया निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से पूरी नहीं की गई तो पार्टी जनआंदोलन करने को बाध्य होगी।



