टोंक, 13 मार्च 2026।
टोंक में पुलिस ने अवैध खनन के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया और चेजा पत्थर माफिया पर छापामार कार्रवाई की। जिला स्पेशल टीम (डीएसटी) और क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) के साथ कोतवाली, सदर और पुरानी टोंक थानों की पुलिस ने ड्रोन की मदद से खनन माफियाओं का पीछा कर 11 ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर ली। इस कार्रवाई में अवैध खनन में शामिल तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया।
कार्रवाई जिला मुख्यालय से जयपुर रोड की ओर लगभग पांच किलोमीटर दूर कच्चा-बंधा वन क्षेत्र में की गई। पुलिस कार्रवाई के दौरान खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया और कई माफिया ट्रैक्टर-ट्रॉली छोड़कर पहाड़ी रास्तों से भाग गए। यह अभियान डीएसपी मृत्युंजय मिश्रा के नेतृत्व में चला, जिसमें डीएसटी, क्यूआरटी और संबंधित थानों की पुलिस के साथ सशस्त्र बल भी तैनात रहे।
पुलिस ने सबसे पहले अवैध खनन की लोकेशन ट्रेस की और इलाके से निकलने वाले सभी रास्तों को सील कर दिया। इसके बाद एक साथ दबिश दी गई। ड्रोन के जरिए ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक पत्थरों से भरे वाहन लेकर भागने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने 11 ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त कर ली। मौके से दो बाइक भी बरामद हुईं।
पुलिस से बचने के लिए एक चालक ने ट्रैक्टर-ट्रॉली तेज गति से भगाई, लेकिन ट्रॉली पलट गई। सौभाग्यवश, इस दौरान किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली। पुलिस के अनुसार, जहां खनन किया जा रहा था वह अरावली पर्वत श्रृंखला का हिस्सा है, और यहां खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है।
स्थानीय निगरानी की कमी का फायदा उठाकर यहां लंबे समय से अवैध खनन किया जा रहा था। कार्रवाई के बाद पुलिस ने वन विभाग को मौके पर बुलाया। वन विभाग के एसीएफ अनुराग महर्षि और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे और आगे की कार्रवाई शुरू की गई।



