नई दिल्ली, 10 मार्च।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली आबकारी घोटाला प्रकरण में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया समेत 23 आरोपितों को बरी करने के ट्रायल कोर्ट के आदेश में जांच एजेंसी पर की गई टिप्पणियों के विरुद्ध प्रवर्तन निदेशालय की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए केजरीवाल सहित सभी आरोपितों को नोटिस जारी किया है। न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा की पीठ ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि जांच एजेंसी के विरुद्ध सामान्य टिप्पणी की गई है।
इससे पहले 9 मार्च को अदालत ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो के प्रकरण में ट्रायल कोर्ट की ओर से सीबीआई पर की गई प्रतिकूल टिप्पणियों पर रोक लगा दी थी। उच्च न्यायालय ने ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया है कि वह दिल्ली आबकारी घोटाला प्रकरण से जुड़े धन शोधन के मामले की आगे सुनवाई न करे। इस आदेश के बाद प्रवर्तन निदेशालय ने भी दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। नौ मार्च को सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से प्रस्तुत सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि यह दिल्ली के इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला है। उन्होंने ट्रायल कोर्ट के आदेश को कानून के अनुसार त्रुटिपूर्ण बताते हुए उस पर रोक लगाने की मांग की थी।
राउज एवेन्यू कोर्ट ने 27 फरवरी को सभी आरोपितों को बरी करने का आदेश दिया था। अदालत ने कहा था कि आरोप पत्र में कई विरोधाभास हैं। अदालत ने कहा कि हजारों पन्नों के आरोप पत्र में जो तथ्य प्रस्तुत किए गए हैं वे गवाहों के बयानों से मेल नहीं खाते। राउज एवेन्यू कोर्ट ने कहा था कि इस मामले में मनीष सिसोदिया लगभग 530 दिन जेल में रहे। अरविंद केजरीवाल दो अलग-अलग अवधियों में कुल 156 दिन जेल में रहे। अरविंद केजरीवाल 13 सितंबर 2024 को तब रिहा हुए जब सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो के मामले में जमानत दी।
प्रवर्तन निदेशालय ने 21 मार्च 2024 को अरविंद केजरीवाल को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। 10 मई को सर्वोच्च न्यायालय ने केजरीवाल को एक जून तक की अंतरिम जमानत दी थी जिसके बाद केजरीवाल ने 2 जून 2024 को आत्मसमर्पण किया था। केजरीवाल को 26 जून 2024 को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने गिरफ्तार किया था। प्रवर्तन निदेशालय ने 10 मई 2024 को छठा पूरक आरोप पत्र दाखिल किया था, जिसमें भारत राष्ट्र समिति की नेता के कविता, चनप्रीत सिंह, दामोदर शर्मा, प्रिंस कुमार और अरविंद सिंह को आरोपित बनाया गया है। अदालत ने 29 मई को छठे पूरक आरोप पत्र पर संज्ञान लिया था।
27 अगस्त को सर्वोच्च न्यायालय ने के कविता को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो और प्रवर्तन निदेशालय के मामलों में जमानत दी थी। सर्वोच्च न्यायालय ने 13 सितंबर 2024 को केजरीवाल को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो के मामले में नियमित जमानत दी थी। उसके पहले सर्वोच्च न्यायालय ने 12 जुलाई 2024 को प्रवर्तन निदेशालय के मामले में केजरीवाल को अंतरिम जमानत दी थी।



