नई दिल्ली, 27 फरवरी 2026।
राऊज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली आबकारी घोटाला मामले में सीबीआई की ओर से दर्ज केस में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को बरी कर दिया है। विशेष न्यायाधीश जीतेंद्र सिंह ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में असफल रहा और आपराधिक साजिश से जुड़े कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कई बार सीबीआई की चार्जशीट पर नाराजगी भी जताई।
कोर्ट ने कहा कि जांच एजेंसी द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज चार्जशीट में दिए गए तथ्यों से मेल नहीं खाते। अदालत ने 12 फरवरी को आरोप तय करने पर फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे अब सुनाते हुए दोनों आरोपियों को राहत दे दी गई। इस मामले में सीबीआई ने कुल 23 लोगों को आरोपी बनाया था।
सुनवाई के दौरान केजरीवाल की ओर से कहा गया था कि उनके खिलाफ कोई मजबूत सबूत नहीं है और वह सरकारी कामकाज कर रहे थे। उनके वकील ने तर्क दिया कि किसी से पैसे मांगने के निर्देश देने के साक्ष्य नहीं मिले। यह भी बताया गया कि केजरीवाल का नाम पहले तीन चार्जशीट में नहीं था, बल्कि चौथी पूरक चार्जशीट में जोड़ा गया।
प्रवर्तन निदेशालय ने 21 मार्च 2024 को पूछताछ के बाद केजरीवाल को गिरफ्तार किया था। बाद में उच्चतम न्यायालय ने उन्हें 1 जून तक अंतरिम जमानत दी, जिसके बाद उन्होंने 2 जून 2024 को आत्मसमर्पण किया था। 26 जून 2024 को सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार किया था।
उच्चतम न्यायालय ने 27 अगस्त को बीआरएस नेता के. कविता को भी जमानत दी थी। 13 सितंबर 2024 को केजरीवाल को सीबीआई मामले में नियमित जमानत मिली थी। इससे पहले 12 जुलाई 2024 को ईडी मामले में उन्हें अंतरिम जमानत दी गई थी।



