चंडीगढ़, 07 मार्च 2026।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को पत्रकार हत्याकांड मामले में बरी कर दिया है। यह फैसला चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस वीरेंद्र अग्रवाल की खंडपीठ द्वारा शनिवार सुबह सुनाया गया। इस फैसले के बाद कानूनी जगत में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
हाईकोर्ट का यह फैसला पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में सीबीआई कोर्ट द्वारा करीब सात वर्ष पहले दोषी ठहराए जाने के बाद आया है। रामचंद्र छत्रपति की हत्या वर्ष 2002 में हुई थी। लंबे समय तक चली जांच के बाद यह मामला सीबीआई को सौंपा गया था, जिसने राम रहीम सहित अन्य आरोपियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
राम रहीम फिलहाल अन्य मामलों में जेल की सजा काट रहे हैं, जिनमें रेप और अन्य आपराधिक मामलों के आरोप भी शामिल हैं। हाईकोर्ट का यह नया फैसला लंबे समय से चल रहे छत्रपति मर्डर केस में एक बड़ा कानूनी बदलाव माना जा रहा है। इस मामले में सीबीआई जांच के बाद वर्ष 2019 में उन्हें दोषी ठहराया गया था।
रामचंद्र छत्रपति सिरसा से अपना अखबार प्रकाशित करते थे और उन्होंने डेरा से जुड़े कई मामलों को प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने सबसे पहले साध्वी यौन शोषण मामले की खबर अपने स्थानीय अखबार में प्रकाशित की थी, जिसके कुछ समय बाद उनकी हत्या कर दी गई थी। हाईकोर्ट ने शनिवार को राम रहीम को इस मामले में बरी करते हुए तीन अन्य कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और कृष्णलाल की अपील खारिज कर उनकी सजा को बरकरार रखा है।



