नई दिल्ली, 13 मार्च 2026।
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री सावित्री ठाकुर ने महिला स्थिति आयोग (सीएसडब्ल्यू) के 70वें सत्र में कहा कि भविष्य में इंडिया-ब्राजील-दक्षिण अफ़्रीका (आईबीएसए) फंड जैसी वैश्विक साझेदारियां समावेशी नीति निर्माण को मजबूत करने और महिला सशक्तीकरण के नए आयाम स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय, न्यूयॉर्क में आयोजित 70वें सीएसडब्ल्यू सत्र का विषय "महिला नेतृत्व वाला विकास और दक्षिण-दक्षिण सहयोग" था और यह 9 से 12 मार्च तक चला। मंत्री ने समापन सत्र में आईबीएसए फंड की सफलता और महिला सशक्तीकरण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता साझा की।
सावित्री ठाकुर ने बताया कि 2004 में स्थापित आईबीएसए कोष अब दक्षिण-दक्षिण सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण बन चुका है। इस फंड ने अब तक लगभग 40 देशों में 50 से अधिक विकास परियोजनाओं को समर्थन दिया है। ये परियोजनाएं विशेष रूप से महिलाओं के नेतृत्व और उनकी सक्रिय भागीदारी पर केंद्रित हैं, जो भारत के 'महिला नेतृत्व वाले विकास' के विजन को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ा रही हैं।
मंत्री ने आईबीएसए ढांचे के तहत चल रही दो प्रमुख परियोजनाओं का जिक्र किया। इनमें लाइबेरिया की परियोजना शामिल है, जो लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और विधायी स्तर पर महिलाओं की भूमिका को मजबूत करने पर केंद्रित है। दूसरी परियोजना जॉर्डन में है, जिसमें अपशिष्ट जल रीसायक्लिंग के जरिए 60 ग्रीनहाउस और 50 महिला सूक्ष्म उद्यम स्थापित किए जाएंगे, जिससे 150 महिलाओं को प्रशिक्षण मिलेगा।
सावित्री ठाकुर ने वैश्विक मंच पर भारत के घरेलू प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने शिक्षा, कौशल और डिजिटल सशक्तीकरण के माध्यम से महिलाओं को मुख्यधारा में लाने का काम किया है। केंद्रीय बजट 2025-26 में लैंगिक समानता के लिए लगभग 60 अरब डॉलर (5.01 लाख करोड़ रुपये) आवंटित किए गए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 8 प्रतिशत अधिक है।
सत्र के दौरान मंत्री ने दक्षिण अफ्रीका की मंत्री सिंदिसिवे चिकुंगा के साथ द्विपक्षीय बैठक की, जिसमें गरीबी और भूख उन्मूलन के लिए भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा हुई। इस कार्यक्रम में ब्राजील की उपमंत्री यूटालिया बारबोसा, गाम्बिया की मंत्री फाटू किंतेह और संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पी. हरीश सहित कई देशों के गणमान्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।



