भराड़ीसैंण, 14 मार्च।
उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में चल रहा विधानसभा का बजट सत्र शुक्रवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। सत्र के अंतिम दिन सदन ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा प्रस्तुत 1,11,703 करोड़ रुपये के विनियोग विधेयक को मंजूरी दे दी और विभिन्न विभागों के लिए आवंटित बजट को भी पारित कर दिया।
बजट सत्र के पांचवें और अंतिम दिन की शुरुआत प्रश्नकाल से हुई। शून्यकाल में सत्ता और विपक्ष के विधायक अपने क्षेत्रों की समस्याओं को ध्यानाकर्षण प्रस्तावों के माध्यम से उठाते रहे। कृषि, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर नियम 58 के तहत कार्य स्थगन प्रस्ताव लाए गए।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने नियम 310 के अंतर्गत भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया, जिसे बाद में नियम 58 के तहत सुना गया। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर सामान्य चर्चा हुई और संसदीय कार्य मंत्री ने विभागवार अनुदान मांगें प्रस्तुत कीं।
विभागवार बजट चर्चा में विपक्ष ने कई विभागों के बजट में कटौती कर केवल एक रुपये का प्रावधान करने का प्रस्ताव रखा। बहुमत से ये सभी कटौती प्रस्ताव खारिज हो गए और सदन ने विभागवार बजट को पारित किया।
विनियोग विधेयक पर चर्चा के बाद इसे देर रात करीब साढ़े बारह बजे ध्वनिमत से पारित किया गया। वित्त एवं नियोजन तथा शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण विभाग को सबसे अधिक बजट आवंटित किया गया। विधेयक पारित होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूडी भूषण ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी।
नौ मार्च से शुरू हुए पांच दिवसीय बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित किया गया, चार अध्यादेश सदन पर रखे गए और 11 विधेयक पारित किए गए।
प्रमुख विभागों को आवंटित बजट (रुपये में):
-
विधानसभा खर्च – 137 करोड़ 28 लाख 98 हजार
-
मंत्रीपरिषद – 170 करोड़ 92 लाख 1 हजार
-
न्याय प्रशासन – 483 करोड़ 15 लाख 61 हजार
-
निर्वाचन – 223 करोड़ 81 लाख 17 हजार
-
राजस्व एवं सामान्य प्रशासन – 2731 करोड़ 15 लाख 23 हजार
-
वित्त, कर, नियोजन व सचिवालय – 20,361 करोड़ 2 लाख 46 हजार
-
पुलिस एवं जेल – 3524 करोड़ 69 लाख 58 हजार
-
शिक्षा, खेल, युवा कल्याण व संस्कृति – 13,552 करोड़ 11 लाख 77 हजार
-
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण – 4546 करोड़ 46 लाख 69 हजार
-
जलापूर्ति, आवास एवं नगर विकास – 4243 करोड़ 34 लाख 68 हजार
-
ग्राम्य विकास – 3860 करोड़ 21 लाख 70 हजार
-
लोक निर्माण विभाग – 3580 करोड़ 57 लाख 61 हजार
-
कृषि – 1495 करोड़ 81 लाख 93 हजार
-
सिंचाई – 1591 करोड़ 48 लाख 29 हजार
-
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति – 1648 करोड़ 78 लाख 87 हजार
-
समाज कल्याण – 2912 करोड़ 49 लाख 98 हजार
-
पर्यटन – 504 करोड़ 4 लाख 50 हजार
-
वन – 1149 करोड़ 88 लाख 43 हजार
-
पशुपालन – 925 करोड़ 49 लाख 37 हजार
-
अनुसूचित जाति कल्याण – 2468 करोड़ 88 लाख 48 हजार
-
अनुसूचित जनजाति कल्याण – 746 करोड़ 76 लाख 91 हजार
बजट सत्र का सार:सत्र 9 मार्च से 13 मार्च तक चला। कुल कार्यवाही 41 घंटे 10 मिनट रही, जिसमें लगभग 1 घंटा 20 मिनट व्यवधान में व्यतीत हुआ। सबसे लंबा दिन 13 मार्च का रहा, जब सदन की कार्यवाही लगभग 12 घंटे 10 मिनट चली।
सदन में कुल 596 प्रश्न प्राप्त हुए, जिनमें 7 अल्पसूचित, 131 तारांकित और 435 अतारांकित प्रश्न शामिल थे। इनमें से 291 प्रश्नों के उत्तर सदन में दिए गए और 22 प्रश्न विभिन्न कारणों से निरस्त कर दिए गए।



