कोलकाता, 07 मार्च।
दादा साहेब फाल्के और पद्म भूषण से सम्मानित अभिनेता तथा भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मिथुन चक्रवर्ती ने शनिवार को पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य में इस समय सबसे बड़ी चुनौती आम लोगों की सुरक्षा से जुड़ी हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि बंगाल में भाजपा की सरकार बनती है तो महिलाओं और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
परिवर्तन यात्रा के संदर्भ में साल्ट लेक स्थित भाजपा के राज्य कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए मिथुन चक्रवर्ती ने कहा कि वर्तमान स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि जब राज्य की मुखिया स्वयं महिलाओं को रात के समय घर से बाहर न निकलने की सलाह दे रही हैं तो यह किसी भी सुरक्षित समाज के लिए गंभीर संकेत माना जाना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि एक समय कोलकाता ऐसा शहर था जहां लोग देर रात तक बिना किसी डर के आवाजाही करते थे, लेकिन अब वह माहौल पहले जैसा नहीं रहा।
उन्होंने कहा कि राज्य में बढ़ती हिंसा और अस्थिरता ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। उनके अनुसार पश्चिम बंगाल में हत्या, बमबाजी और राजनीतिक हिंसा की घटनाएं लगभग रोज देखने को मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि जो राज्य कभी अपनी शांति और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए पहचाना जाता था, आज वही कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है।
सीमा सुरक्षा के मुद्दे पर भी उन्होंने चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा का बड़ा हिस्सा अभी भी असुरक्षित है और कई स्थानों पर बाड़ तक नहीं लगाई गई है। उनके अनुसार केंद्र सरकार की ओर से सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई बार आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया, लेकिन राज्य सरकार की ओर से इस दिशा में अपेक्षित पहल नहीं हुई। इससे सीमा के जरिए अवैध घुसपैठ की संभावना बढ़ती है, जिसका प्रभाव सामाजिक और राजनीतिक संतुलन पर भी पड़ सकता है।
मिथुन चक्रवर्ती ने आरोप लगाया कि राज्य में चुनावों के समय भय और आतंक का माहौल तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कई इलाकों में बम विस्फोट, झड़पें और विपक्षी दलों के कार्यक्रमों पर हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा शांतिपूर्ण तरीके से अपने कार्यक्रमों को आगे बढ़ाना चाहती है, लेकिन उसे बार-बार बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
आर्थिक और प्रशासनिक मामलों का जिक्र करते हुए उन्होंने राज्य सरकार की आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते का बकाया अभी तक नहीं दिया गया है। एक ओर अलग-अलग क्षेत्रों में भारी खर्च किया जा रहा है, जबकि दूसरी ओर कर्मचारियों के वैध अधिकारों के भुगतान में देरी की जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार बनने पर कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए त्वरित कदम उठाए जाएंगे और सातवें वेतन आयोग को लागू करने की दिशा में भी पहल की जाएगी।
युवाओं और बेरोजगारी के सवाल पर उन्होंने कहा कि केवल भत्ता आधारित व्यवस्था से समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल सकता। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने पर वास्तविक ध्यान देने की आवश्यकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा अब संगठनात्मक रूप से पहले की तुलना में अधिक मजबूत और एकजुट है। परिवर्तन यात्रा के जरिए राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बदलाव की भावना साफ दिखाई दे रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी चुनाव में जनता के समर्थन से राज्य में एक वैकल्पिक सरकार का गठन संभव होगा।



