जयपुर, 12 मार्च 2026।
जिले के झाक गांव में गुरुवार सुबह झाक मठ के मठाधीश महंत पारसनाथ महाराज का शव मठ परिसर में बने टांके में मिलने से सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शव बाहर निकलवा कर जांच शुरू कर दी।
पुलिस के अनुसार सुबह करीब पांच बजे मठ में मौजूद भक्त टांके से पानी खींच रहे थे। इसी दौरान उन्हें टांके के अंदर शव दिखाई दिया। इसके बाद आसपास के लोगों को सूचना दी गई और मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। मामले की सूचना सुबह करीब आठ बजे पुलिस को मिली। इसके बाद बाटाडू चौकी प्रभारी अनोपाराम और नागाणा थाना प्रभारी अशोक कुमार पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। घटना की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल और एमओबी टीमों को भी जांच के लिए बुलाया गया।
पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर आसपास के लोगों और श्रद्धालुओं से पूछताछ शुरू कर दी है। मौके पर महंत पारसनाथ महाराज के जूते टांके के बाहर पड़े मिले हैं। पुलिस आसपास की परिस्थितियों और हालात की जांच कर रही है तथा सभी पहलुओं से मामले की पड़ताल कर रही है।
जिला पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीणा ने बताया कि महंत पारसनाथ महाराज (57) झाक मठ में ही रहते थे और उनका मानसिक बीमारी का इलाज भी चल रहा था। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस सभी संभावित एंगल से जांच कर रही है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार महंत पारसनाथ महाराज पिछले करीब 30 वर्षों से झाक संत के मठाधीश थे। उन्होंने अपने जीवनकाल में मठ और गौशाला के विकास के लिए कई कार्य किए। गौसेवा, धर्म और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहने के कारण उन्हें क्षेत्र में सम्मान और श्रद्धा की दृष्टि से देखा जाता था।
उनके निधन की खबर से पूरे इलाके में शोक की लहर है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।



