दक्षिण एशिया
14 Mar, 2026

लेबनान में नेपाली शांति सैनिकों के मुख्यालय पर ड्रोन हमला, कोई हताहत नहीं

लेबनान में नेपाली शांति सैनिकों के बटालियन मुख्यालय पर शुक्रवार देर रात ड्रोन से हमला हुआ, लेकिन कोई मानव हानि नहीं हुई और जांच जारी है।

काठमांडू, 14 मार्च 2026।

पश्चिम एशियाई देश लेबनान में संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन के तहत तैनात नेपाली सैनिकों के बटालियन मुख्यालय पर शुक्रवार देर रात हवाई हमला हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस हमले में किसी भी प्रकार की मानवीय क्षति नहीं हुई है।

नेपाल के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक यह हमला दक्षिण–पूर्वी लेबनान के अल-जाबेल क्षेत्र में हुआ। नेपाली सेना के ब्रिगेडियार जनरल राजाराम बस्नेत ने बताया कि ब्लू लाइन के नजदीक स्थित संयुक्त राष्ट्र मिशन के तहत तैनात नेपाली शांति सेना के बटालियन मुख्यालय पर ड्रोन से हमला किया गया।

नेपाल की सेना लंबे समय से विभिन्न संघर्षग्रस्त क्षेत्रों में संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन के तहत तैनात रही है। लेबनान में भी नेपाली सैनिक सीमा क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बनाए रखने, निगरानी करने तथा स्थानीय नागरिकों की सहायता करने का कार्य कर रहे हैं।

जिस क्षेत्र में हमला हुआ, वह लेबनान और इजरायल की सीमा के पास स्थित संवेदनशील इलाकों में आता है। यह हमला ब्लू लाइन के आसपास बढ़ते सैन्य तनाव के बीच हुआ। ब्लू लाइन वह अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा है जिसे संयुक्त राष्ट्र ने लेबनान और इजरायल के बीच सीमा निर्धारण के लिए चिह्नित किया है।

हालांकि इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ, फिर भी घटना को गंभीर माना जा रहा है। नेपाली सेना ने कहा कि नेपाल का विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और संयुक्त राष्ट्र मिशन इस हमले की प्रकृति और कारणों की जांच कर रहे हैं। साथ ही, लेबनान में तैनात नेपाली सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के साथ समन्वय बनाए रखा जा रहा है।

|
आज का राशिफल

पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। जोखिम से दूर रहना ही बुद्घिमानी होगी। शुभ कार्यों की प्रवृत्ति बनेगी और शुभ समाचार भी मिलेंगे। किसी से कहा सुनी न हो यही ध्यान रहे। अपना कार्य दूसरों के सहयोग से बना लेंगे। लाभकारी गतिविधियों में सक्रियता रहेगी। शुभांक-1-4-6

आज का मौसम

भोपाल

16° / 26°

Rainy

ट्रेंडिंग न्यूज़

१५ मार्च की एकादशी: वह रात जब आस्था, संयम और ब्रह्मांडीय समय एक साथ आते हैं

१५ मार्च की पापमोचनी एकादशी केवल व्रत नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि का दिन मानी जाती है—मान्यता है कि इस दिन का उपवास पुराने कर्मों को हल्का कर देता है।

एकादशी का रहस्य: जब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति ने जन्म लिया और अधर्म को चुनौती दी

हजारों साल पुरानी कथा कहती है कि एक भयंकर दैत्य के आतंक से संसार कांप उठा, तब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति से जन्मी “एकादशी” ने अधर्म का अंत किया।

एकादशी का रहस्य: जब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति ने जन्म लिया और अधर्म को चुनौती दी

हजारों साल पुरानी कथा कहती है कि एक भयंकर दैत्य के आतंक से संसार कांप उठा, तब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति से जन्मी “एकादशी” ने अधर्म का अंत किया।

एकादशी का रहस्य: जब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति ने जन्म लिया और अधर्म को चुनौती दी

हजारों साल पुरानी कथा कहती है कि एक भयंकर दैत्य के आतंक से संसार कांप उठा, तब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति से जन्मी “एकादशी” ने अधर्म का अंत किया।

एकादशी का रहस्य: जब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति ने जन्म लिया और अधर्म को चुनौती दी

हजारों साल पुरानी कथा कहती है कि एक भयंकर दैत्य के आतंक से संसार कांप उठा, तब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति से जन्मी “एकादशी” ने अधर्म का अंत किया।