चित्रकूट, 28 फरवरी 2026।
प्रख्यात नेत्र चिकित्सक और पद्मश्री सम्मान से अलंकृत डॉ. बीके जैन का पार्थिव शरीर मुंबई से चित्रकूट पहुंच चुका है। उनका अंतिम संस्कार अब कल (रविवार) जानकीकुंड में किया जाएगा। पहले सूचना थी कि अंतिम संस्कार आज किया जाएगा, लेकिन बाद में परिवार और ट्रस्ट के निर्णय के अनुसार तिथि बदल दी गई। डॉ. जैन के निधन से चिकित्सा और समाज सेवा क्षेत्र में शोक की लहर है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मई 2025 में उन्हें पद्मश्री सम्मान से नवाजा था।
श्री सदगुरु सेवा संघ ट्रस्ट और परिवार की ओर से उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया है। डॉ. बीके जैन सदगुरु सेवा संघ चित्रकूट के निदेशक, ट्रस्टी और रायपुर एम्स के अध्यक्ष भी थे। उन्होंने पांच दशकों से अधिक समय तक चित्रकूट क्षेत्र में नेत्र चिकित्सा सेवाओं के माध्यम से लाखों लोगों को नई दृष्टि और जीवन जीने की आशा प्रदान की। उनके नेतृत्व में नेत्र चिकित्सा संस्थानों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया गया।
परिजनों के अनुसार डॉ. जैन लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और मुंबई में उनका इलाज चल रहा था। चिकित्सकों के अनुसार वेंटिलेटर से हटाए जाने के बाद शुक्रवार शाम 4:24 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। डॉ. जैन का जन्म 5 दिसंबर 1948 को महाराष्ट्र में हुआ था। वर्ष 1970 में वे चित्रकूट आए और स्वामी रणछोड़दास महाराज के सानिध्य में नेत्र चिकित्सा सेवा को समर्पित कर दिया।
उनके निधन पर कई जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की है। बांदा और सतना क्षेत्र के सांसदों, पूर्व सांसदों, जिला पंचायत अध्यक्ष तथा समाजसेवियों ने उनके योगदान को याद किया। संत समाज और स्थानीय लोगों ने इसे चित्रकूट के लिए बड़ी क्षति बताया है। 27 फरवरी को भगवान श्रीराम की तपोस्थली चित्रकूट के लिए भी शोक का दिन माना जा रहा है, क्योंकि इसी दिन वर्ष 2010 में समाजसेवी नानाजी देशमुख का निधन हुआ था।



