शिमला, 16 मार्च 2026।
हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ जारी अभियान के तहत शिमला पुलिस ने अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी मामले में एक आरोपी आर्यन की निवारक हिरासत बढ़ा दी है। राज्य सरकार के गृह विभाग ने आरोपी की हिरासत अवधि को अतिरिक्त 20 दिन बढ़ाने का आदेश जारी किया है।
मामले के अनुसार कोटखाई क्षेत्र के मिहानी गांव निवासी आर्यन को ड्रग तस्करी में संलिप्त पाए जाने के बाद 23 जनवरी 2026 को पीआईटी एनडीपीएस एक्ट 1988 के तहत तीन महीने की निवारक हिरासत में रखा गया था। इसके बाद पुलिस ने 26 जनवरी को उसे जिला उप-जेल कैथू, शिमला में निरुद्ध किया था।
जांच रिपोर्ट और दस्तावेज हिमाचल प्रदेश राज्य सलाहकार बोर्ड के समक्ष पेश किए गए। बोर्ड ने आरोपी के पक्ष और शिमला पुलिस द्वारा प्रस्तुत तथ्यों को सुनने के बाद पाया कि आर्यन ड्रग तस्करी की गतिविधियों में सक्रिय था और पंजाब, हरियाणा व दिल्ली के ड्रग तस्करों से उसके संपर्क थे।
पुलिस ने आरोपी के बैंक खातों में करीब पच्चीस लाख रुपये के लेन-देन का पता लगाया, जो ड्रग तस्करों से जुड़े होने के संकेत देते हैं। इसके अलावा आरोपी के पास से बरामद मादक पदार्थ और बेरोजगार होने के बावजूद बड़े वित्तीय लेन-देन भी ड्रग तस्करी से जुड़े होने की पुष्टि करते हैं।
राज्य सलाहकार बोर्ड ने 23 जनवरी 2026 को जारी निरोध आदेश को सही ठहराया और हिरासत अवधि को अतिरिक्त 20 दिन बढ़ाने की सिफारिश की। 27 फरवरी 2026 को बोर्ड की राय के आधार पर हिमाचल प्रदेश सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) ने आरोपी को प्रारंभिक तीन महीने की हिरासत पूरी होने के बाद भी 20 दिन अतिरिक्त जेल में रखने का आदेश जारी किया।
जिला पुलिस शिमला ने बताया कि नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी है और मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने आम लोगों और खासकर युवाओं से अपील की है कि वे नशे से दूर रहें और नशे के कारोबार की किसी भी जानकारी को तुरंत पुलिस को सूचित करें, ताकि समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाया जा सके।



