सुकमा, 16 फरवरी।
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में मंगलवार को 22 सक्रिय माओवादियों ने शासन की पुनर्वास और आत्मसमर्पण नीति के तहत आत्मसमर्पण किया, जिसमें एक महिला माओवादी भी शामिल है।
एडिशनल एसपी नक्सल ऑपरेशन रोहित शाह ने बताया कि सभी माओवादियों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय, सुकमा में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण किया। उन्होंने कहा कि नक्सल मुक्त अभियान बस्तर के तहत जिले में लगातार नक्सल विरोधी अभियान संचालित किए जा रहे हैं, जिससे माओवादी संगठन कमजोर पड़ रहा है।
विकासात्मक कार्य सुदूर वनांचल क्षेत्र में पहुंचाए जा रहे हैं और छत्तीसगढ़ शासन की ‘‘छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति’’ के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सुकमा पुलिस द्वारा ‘‘पूना मारगेम’’ पुनर्वास से पुनर्जीवन अभियान चलाया जा रहा है। अति संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार कैम्प स्थापित होने से पुलिस का प्रभाव बढ़ रहा है और माओवादी संगठन कमजोर पड़ रहा है।
रोहित शाह ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादियों को शासन की पुनर्वास नीति के तहत 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई और अन्य योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया जाएगा।
आत्मसमर्पण करने वालों में मिलिशिया कमांडर गोंचे हुंगा, मिलिशिया सदस्य बण्डी, माड़वी हांदा, हिडमा मड़कम नन्दा, मिलिशिया सदस्य मड़कम रामा, मड़कम सोमड़ा, मिडियाम आयता, मड़कम चैतु, माड़वी हुंगा, लक्ष्मी मुचाकी, गोंचे उर्फ मड़कम हुंगा, माड़वी दूला, कुंजाम केसा, वेको विज्जा, वेको हड़मा, मुचाकी सुक्का, माड़वी जोगा, मड़कम पाण्डू, नुप्पो देवा, भोगाम दसरू उर्फ सोना, सलवम लखमा और जगत उर्फ मुचाकी भीमा शामिल हैं।



