चेन्नई, 17 फरवरी।
आगामी विधानसभा चुनाव से पहले तमिलनाडु में सत्तारूढ़ द्रमुक सरकार ने राज्य विधानसभा में अंतरिम बजट के साथ कृषि अंतरिम बजट भी पेश किया। वित्त मंत्री थंगम थेनारासु ने सुबह 9:30 बजे अपने 2 घंटे 22 मिनट के भाषण में विभिन्न विभागों की उपलब्धियों, विकास योजनाओं, सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों और आर्थिक प्राथमिकताओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।
इसके बाद राज्य के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री एम.आर.के. पन्नीरसेल्वम ने विधानसभा में कृषि अंतरिम बजट पेश किया। उन्होंने कहा कि किसानों के बिना जीवन की कल्पना असंभव है और सरकार की प्राथमिकता किसानों के कल्याण, उत्पादन वृद्धि और कृषि अवसंरचना को मजबूत करना है। पिछले पांच वर्षों में 28 कृषि परामर्श बैठकें आयोजित की गईं, जिससे योजनाओं को किसानों की जरूरतों के अनुसार तैयार किया गया।
राज्य के सभी गांवों में कलैग्नर कृषि विकास योजना लागू की गई, जिसमें 10,000 लघु सिंचाई तालाबों का उन्नयन किया गया। 800 गुणवत्ता परीक्षण केंद्रों और उर्वरक भंडार स्थापित किए गए। 178 करोड़ रुपये की लागत से मन्नुयिर काथु, मन्नुयिर काप्पोम योजना लागू की गई, जिसका उद्देश्य मिट्टी संरक्षित करना और कृषि उत्पादन बढ़ाना है।
कोयंबटूर में नम्माल्वर कृषि अनुसंधान केंद्र स्थापित किया गया और जल्द ही कृषि वानिकी नीति भी जारी की जाएगी। मेत्तूर बांध समय पर खोला गया, जिससे किसानों को सिंचाई में लाभ मिला। राज्य सरकार की पहल से 3 लाख एकड़ अतिरिक्त क्षेत्र में खेती शुरू हुई, 496 स्नातक युवाओं को अनुदान प्रदान किए गए और तमिलनाडु मिलेट मिशन के तहत 12 लाख किसानों को 178 करोड़ रुपये की सहायता दी गई।
कृषि बजट पेश करने के दौरान द्रमुक के विधायक हरे दुपट्टे पहनकर उपस्थित रहे। यह कदम किसानों के प्रति सम्मान, समर्थन और सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
राज्य सरकार का यह अंतरिम कृषि बजट आगामी चुनाव से पहले किसानों को राहत देने और कृषि क्षेत्र को आर्थिक रूप से मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



