नई दिल्ली, 27 फरवरी 2026।
उच्चतम न्यायालय ने चुनावों में राजनीतिक दलों के खर्च की सीमा तय करने की मांग वाली याचिका पर केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी किया है। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने दोनों पक्षों से छह सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
यह याचिका एनजीओ कॉमन कॉज की ओर से दायर की गई है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि चुनावों में राजनीतिक दलों द्वारा धनबल का अत्यधिक और अनियंत्रित उपयोग किया जाता है। उन्होंने कहा कि धनबल के ज्यादा इस्तेमाल से लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित होती है और चुनावी प्रक्रिया में असंतुलन पैदा होता है। उन्होंने यह भी कहा कि इलेक्टोरल बॉन्ड मामले में भी अदालत पहले ही यह मान चुकी है कि अनियंत्रित धनबल लोकतंत्र को प्रभावित करता है।
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति जॉय माल्या बागची ने कहा कि अमेरिका जैसे देशों में भी चुनाव खर्च की सीमाएं तय हैं, लेकिन वहां भी उम्मीदवारों के मित्रों, सहयोगियों या तीसरे पक्ष के माध्यम से खर्च करने जैसी समस्याएं सामने आती रहती हैं। कोर्ट इस मामले में आगे की सुनवाई करेगा।



