नई दिल्ली, 24 फरवरी 2026।
चुनावी व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से 27 वर्षों के बाद राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन का आयोजन किया गया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मंगलवार को भारत मंडपम में इस सम्मेलन का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन चुनाव आयोग और राज्य चुनाव आयोगों के बीच समन्वय को बढ़ाने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय हित और संवैधानिक संतुलन बनाए रखने के लिए सभी निर्णयों में मतदाता हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। यह सम्मेलन लंबे अंतराल के बाद आयोजित किया गया है, जिसमें चुनावी प्रशासन से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
इस अवसर पर चुनाव आयुक्त डॉ. एसएस संधु और डॉ. विवेक जोशी ने भी सम्मेलन में अपने विचार रखे और चर्चा की रूपरेखा प्रस्तुत की। कार्यक्रम के दौरान लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से “लोकतंत्रों का संगम” नामक पुस्तक का भी विमोचन किया गया। सम्मेलन में चुनावी सुधारों और प्रशासनिक समन्वय को बेहतर बनाने के उपायों पर विचार साझा किए गए। इसके साथ ही मतदाता जागरूकता और चुनावी पारदर्शिता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
सम्मेलन में ईवीएम, ईसीआईनेट और मतदाता सूची साझा करने की प्रक्रिया पर प्रस्तुतियां दी जाएंगी। विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के चुनाव अधिकारियों ने मतदाता सूची प्रबंधन को सरल और प्रभावी बनाने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया। बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न संवैधानिक क्षेत्रों में मतदाता आंकड़ों की समानता सुनिश्चित करने के लिए “एक मतदाता सूची” की अवधारणा को आगे बढ़ाना है।



