कोलकाता, 28 फरवरी 2026।
पश्चिम बंगाल में राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने राज्यसभा के लिए अपने चार उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी ने शुक्रवार रात जारी संदेश में बताया कि राज्य सरकार के मंत्री बाबुल सुप्रियो, पूर्व पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार, वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी और अभिनेत्री कोयल मल्लिक को राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार बनाया गया है। पार्टी ने सभी को शुभकामनाएं देते हुए भरोसा जताया कि वे संसद में तृणमूल की विचारधारा और राज्य हितों को मजबूती से आगे बढ़ाएंगे।
घोषित नामों में सबसे अधिक चर्चा पूर्व पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार की हो रही है। वे लंबे समय तक पश्चिम बंगाल पुलिस के शीर्ष पद पर रहे और कोलकाता पुलिस आयुक्त सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। उनके प्रशासनिक अनुभव और कानून व्यवस्था पर मजबूत पकड़ को देखते हुए पार्टी ने उन्हें उच्च सदन के लिए उपयुक्त माना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम प्रशासनिक अनुभव को संसद में प्रतिनिधित्व देने की रणनीति का हिस्सा है।
बाबुल सुप्रियो का राजनीतिक और सांस्कृतिक जीवन भी चर्चा में है। वे पहले भारतीय जनता पार्टी से सांसद और केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं, बाद में तृणमूल कांग्रेस में शामिल होकर वर्तमान में राज्य सरकार में मंत्री पद पर कार्यरत हैं। एक लोकप्रिय गायक और जनप्रिय नेता के रूप में उनकी पहचान पार्टी के लिए जनसंपर्क और राजनीतिक संदेश दोनों स्तर पर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
कानूनी क्षेत्र से जुड़ी वरिष्ठ अधिवक्ता मेनका गुरुस्वामी को उम्मीदवार बनाकर पार्टी ने संवैधानिक और सामाजिक मुद्दों पर मुखर आवाज को राज्यसभा भेजने का संकेत दिया है। वे उच्चतम न्यायालय में कई महत्वपूर्ण मामलों में पक्ष रख चुकी हैं और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर उनकी पहचान एक प्रखर विधि विशेषज्ञ के रूप में है। राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि उनका चयन सामाजिक संतुलन की रणनीति का हिस्सा है।
फिल्म जगत की लोकप्रिय अभिनेत्री कोयल मल्लिक को उम्मीदवार बनाकर पार्टी ने सांस्कृतिक क्षेत्र को भी प्रतिनिधित्व दिया है। बंगाली सिनेमा में उनकी व्यापक लोकप्रियता है और विश्लेषकों के अनुसार उनका नाम शहरी और युवा मतदाताओं के बीच सकारात्मक संदेश देने के उद्देश्य से सामने लाया गया है।
इधर विपक्षी भारतीय जनता पार्टी की ओर से भी राज्यसभा उम्मीदवारों को लेकर मंथन जारी है। पार्टी की राज्य इकाई ने संभावित नामों की सूची केंद्रीय नेतृत्व को भेज दी है और अंतिम निर्णय केंद्रीय संसदीय बोर्ड करेगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह चुनाव केवल संसदीय समीकरण का विषय नहीं बल्कि आगामी राजनीतिक रणनीति का संकेत भी देगा।
इस घोषणा के साथ पश्चिम बंगाल की राजनीति में नए राजनीतिक और सामाजिक संदेशों पर चर्चा तेज हो गई है। प्रशासन, राजनीति, कानून और कला जैसे अलग-अलग क्षेत्रों से चेहरों को आगे लाकर तृणमूल कांग्रेस ने व्यापक प्रतिनिधित्व का संदेश देने की कोशिश की है।



