उज्जैन, 16 फरवरी।
मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग भगवान महाकालेश्वर में महाशिवरात्रि के दूसरे दिन सोमवार को दोपहर में विशेष भस्म आरती आयोजित की गई, जिसमें भगवान महाकाल का भव्य श्रृंगार पुष्पों के सेहरा और विभिन्न आभूषणों से किया गया।
मंदिर में चार प्रहर के पूजन-अभिषेक और अनुष्ठानों के बाद सुबह 11 बजे ब्राह्मणों ने रुद्राभिषेक और मंत्रोच्चार के साथ भगवान का अभिषेक किया। इसके बाद पंचामृत और पांच प्रकार के फलों के रस से पूजा हुई। सप्तधान्य चढ़ाने के बाद पुष्पों से बने मुकुट के साथ आरती हुई। मंदिर के पुजारियों ने भगवान महाकाल का श्रृंगार कर पुष्पों का सेहरा बांधा और विभिन्न मिठाइयों, फलों और पंचमेवा का भोग लगाया।
दोपहर 12 बजे जलाभिषेक किया गया और पंचामृत से पूजन संपन्न हुआ। मंत्रोच्चार के साथ जल अर्पित करने के बाद कपूर आरती हुई और मस्तक पर भांग, चंदन तथा त्रिपुंड अर्पित कर दिव्य श्रृंगार किया गया। इसके बाद भगवान महाकाल को वस्त्र से ढंककर भस्म अर्पित किया गया और रजत शेषनाग मुकुट, रजत मुंडमाला, रुद्राक्ष माला तथा मोगरा और गुलाब के पुष्प अर्पित कर भव्य श्रृंगार सम्पन्न हुआ।
साल में केवल एक बार दिन में होने वाली भस्म आरती दोपहर 12 बजे शुरू होकर दोपहर 2 बजे तक चली। भस्म आरती के बाद भोग आरती आयोजित की गई। शाम को पूजन और शयन आरती के पश्चात महाकाल मंदिर के पट बंद कर दिए जाएंगे।



