अहमदाबाद, 09 मार्च।
भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन के लिए वर्ष 2026 का सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा। एक समय ऐसा भी आया जब वह टीम से बाहर हो गए और उनका आत्मविश्वास टूट गया था, लेकिन बाद में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए आईसीसी पुरुष टी-20 विश्व कप में भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई।
जनवरी 2026 में तिरुवनंतपुरम में घरेलू दर्शकों के सामने सैमसन को उस समय बड़ा झटका लगा, जब विश्व कप टीम के लिए ओपनर-विकेटकीपर के रूप में ईशान किशन को प्राथमिकता दी गई। वर्ष 2025 की शुरुआत से ही सैमसन का बल्ला अपेक्षा के अनुरूप नहीं चल रहा था। टीम प्रबंधन ने उन्हें मध्यक्रम में भी मौका दिया ताकि शीर्ष क्रम में शुभमन गिल को खेलने का अवसर मिल सके। बाद में उन्हें फिर से ओपनिंग में भेजा गया, लेकिन रन नहीं बनने के कारण अंततः उनकी जगह किशन को मौका दिया गया।
टी-20 विश्व कप जीतने के बाद सैमसन ने बताया कि न्यूजीलैंड के खिलाफ श्रृंखला के बाद वह मानसिक रूप से काफी टूट चुके थे। उन्हें लगा था कि उनका सपना खत्म हो गया है और आगे क्या करना है, यह समझ नहीं आ रहा था।
विश्व कप की शुरुआत में भी वह अंतिम एकादश से बाहर थे और बेंच पर बैठे रहे। बाद में जब अभिषेक शर्मा बीमार पड़ गए, तब उन्हें एक मैच खेलने का अवसर मिला। जब भारतीय शीर्ष क्रम स्पिन गेंदबाजी के सामने संघर्ष करता दिखा, तो टीम प्रबंधन ने फिर से सैमसन पर भरोसा जताया और यहीं से उनकी वापसी की कहानी शुरू हुई।
जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने 15 गेंदों में 24 रन बनाकर संकेत दिया कि उनका आत्मविश्वास लौट रहा है। इसके बाद कोलकाता के ईडन गार्डन्स मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ महत्वपूर्ण मुकाबले में उन्होंने 50 गेंदों पर 97 रन की शानदार पारी खेलकर सबका ध्यान खींचा।
इसके बाद उनका प्रदर्शन लगातार बेहतर होता गया। सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने 42 गेंदों पर 89 रन बनाए, जबकि फाइनल में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ 46 गेंदों में 89 रन की दमदार पारी खेलकर भारत की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
सैमसन ने खुलासा किया कि पिछले कुछ महीनों से वह महान क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के संपर्क में थे। उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान जब वह टीम से बाहर थे, तब उन्होंने अपनी मानसिकता को मजबूत करने के लिए सचिन तेंदुलकर से संपर्क किया और उनसे लंबी बातचीत की।
उन्होंने यह भी बताया कि फाइनल मुकाबले से एक दिन पहले भी सचिन तेंदुलकर ने उन्हें फोन कर उनका हालचाल पूछा और उन्हें आत्मविश्वास दिया।
सैमसन वर्ष 2024 में भी टी-20 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे, लेकिन उस समय उन्हें एक भी मैच खेलने का अवसर नहीं मिला था। उन्होंने कहा कि तभी से वह इस पल की कल्पना करते थे और लगातार मेहनत करते रहे।
सैमसन के अनुसार विश्व कप जीतना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है और इस भावना को शब्दों में व्यक्त करना मुश्किल है।



