अहमदाबाद, 09 मार्च।
भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने आईसीसी पुरुष टी-20 विश्व कप 2026 के फाइनल में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुने जाने को अपने करियर का बेहद खास क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि इसलिए और भी यादगार है क्योंकि यह जीत उन्हें अपने घरेलू मैदान अहमदाबाद में मिली।
फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने न्यूज़ीलैंड को 96 रन से हराकर खिताब अपने नाम किया। यह जीत टी-20 विश्व कप के इतिहास में भारत की सबसे बड़ी जीतों में से एक मानी जा रही है। यह मैच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला गया, वही मैदान जहां भारत को वर्ष 2023 के एकदिवसीय विश्व कप के फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था।
मैच के बाद बातचीत करते हुए बुमराह ने कहा कि पहले भी उन्होंने इसी मैदान पर एक फाइनल खेला था, लेकिन उस समय टीम जीत हासिल नहीं कर सकी थी। ऐसे में उसी मैदान पर विश्व कप जीतना उनके लिए बेहद भावुक और खास अनुभव रहा।
फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पांच विकेट खोकर 255 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में न्यूज़ीलैंड की पूरी टीम 159 रन पर सिमट गई और भारत ने शानदार जीत दर्ज की।
गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अपने स्पेल में केवल 15 रन देकर चार विकेट हासिल किए। उनकी इस घातक गेंदबाजी ने मैच का रुख भारत की ओर मोड़ने में अहम भूमिका निभाई।
बुमराह ने कहा कि उन्हें पता था कि पिच बल्लेबाजों के लिए मददगार है, इसलिए उन्होंने अपने अनुभव का पूरा उपयोग करने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि टूर्नामेंट से पहले उन्हें लग रहा था कि वे जरूरत से ज्यादा कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इस बार उन्होंने खेल को स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ने दिया और यही रणनीति सफल रही।
उन्होंने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की भी सराहना की और कहा कि पूरी टीम ने दबाव की स्थिति में भी धैर्य बनाए रखा। उनके अनुसार जब भी टीम के भीतर रणनीति पर चर्चा होती है, तो सभी खिलाड़ी अपने-अपने विकल्प सामने रखते हैं और यही टीम की सबसे बड़ी ताकत है।
बुमराह ने कहा कि किसी भी बड़े टूर्नामेंट को जीतने के लिए संयम और धैर्य बेहद जरूरी होता है। भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में यही दिखाया और इसी वजह से टीम खिताब जीतने में सफल रही। उन्होंने यह भी कहा कि अपने घरेलू मैदान पर विश्व कप फाइनल में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बनना उनके करियर के सबसे यादगार पलों में से एक रहेगा।



