अपराध
11 Mar, 2026

बागपत शादी समारोह में युवक की गोली मारकर हत्या

बागपत के दोघट थाना क्षेत्र में शादी समारोह के दौरान युवक विवेक उर्फ विक्की की ताबड़तोड़ गोलियों से हत्या कर दी गई और पुलिस ने एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

बागपत, 11 मार्च।

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में दोघट थाना क्षेत्र के शादी समारोह में युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान बाहवड़ी गांव निवासी विवेक उर्फ विक्की के रूप में हुई है। वह बाहवड़ी की पूर्व प्रधान बबली का पति और कुख्यात बदमाश सागर मलिक का चाचा बताया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार विवेक उर्फ विक्की शादी समारोह में शामिल होने आया था, तभी हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर हत्या कर दी। मौके पर ही युवक की मौत हो गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने हत्या के पीछे पुरानी आपसी रंजिश की आशंका जताई है।

सूत्रों के अनुसार मृतक विक्की के भतीजे सागर ने पूर्व प्रधान देवेंद्र की मुजफ्फरनगर कोर्ट में हत्या कर दी थी और इसके बदले में सागर के चाचा विवेक उर्फ विक्की की हत्या की गई। इस मामले में बाहवड़ी के पूर्व प्रधान बिजेंद्र के बेटे प्रिंस का नाम सामने आ रहा है।

दोघट थाना प्रभारी केवल सिंह ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर प्रिंस, रजत, लोकेन्द्र और एक महिला के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपितों की तलाश जारी है। एसपी बागपत सूरज कुमार राय ने बताया कि हत्या के मामले में एक युवक को हिरासत में लिया गया है, जिससे पूछताछ की जा रही है।

|
आज का राशिफल

पूर्व नियोजित कार्यक्रम सरलता से संपन्न हो जाएंगे। जोखिम से दूर रहना ही बुद्घिमानी होगी। शुभ कार्यों की प्रवृत्ति बनेगी और शुभ समाचार भी मिलेंगे। किसी से कहा सुनी न हो यही ध्यान रहे। अपना कार्य दूसरों के सहयोग से बना लेंगे। लाभकारी गतिविधियों में सक्रियता रहेगी। शुभांक-1-4-6

आज का मौसम

भोपाल

16° / 26°

Rainy

ट्रेंडिंग न्यूज़

१५ मार्च की एकादशी: वह रात जब आस्था, संयम और ब्रह्मांडीय समय एक साथ आते हैं

१५ मार्च की पापमोचनी एकादशी केवल व्रत नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि का दिन मानी जाती है—मान्यता है कि इस दिन का उपवास पुराने कर्मों को हल्का कर देता है।

एकादशी का रहस्य: जब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति ने जन्म लिया और अधर्म को चुनौती दी

हजारों साल पुरानी कथा कहती है कि एक भयंकर दैत्य के आतंक से संसार कांप उठा, तब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति से जन्मी “एकादशी” ने अधर्म का अंत किया।

एकादशी का रहस्य: जब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति ने जन्म लिया और अधर्म को चुनौती दी

हजारों साल पुरानी कथा कहती है कि एक भयंकर दैत्य के आतंक से संसार कांप उठा, तब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति से जन्मी “एकादशी” ने अधर्म का अंत किया।

एकादशी का रहस्य: जब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति ने जन्म लिया और अधर्म को चुनौती दी

हजारों साल पुरानी कथा कहती है कि एक भयंकर दैत्य के आतंक से संसार कांप उठा, तब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति से जन्मी “एकादशी” ने अधर्म का अंत किया।

एकादशी का रहस्य: जब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति ने जन्म लिया और अधर्म को चुनौती दी

हजारों साल पुरानी कथा कहती है कि एक भयंकर दैत्य के आतंक से संसार कांप उठा, तब भगवान विष्णु की दिव्य शक्ति से जन्मी “एकादशी” ने अधर्म का अंत किया।