भुवनेश्वर, 10 मार्च।
ओडिशा में पिछले तीन वर्ष के दौरान जंगल की आग से कुल 22,293 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है। यह जानकारी राज्य के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री गणेश राम सिंहखुंटिया ने मंगलवार को विधानसभा में दी। मंत्री ने यह विवरण सालेपुर से बीजद विधायक प्रशांत बेहेरा के प्रश्न के लिखित उत्तर में साझा किया।
मंत्री ने बताया कि वर्ष 2022 में 8,462 हेक्टेयर, 2023 में 9,764 हेक्टेयर और 2024 में अब तक 4,067 हेक्टेयर वन क्षेत्र आग से प्रभावित हुआ है। गर्मी के मौसम में वनाग्नि को रोकने के लिए सरकार ने कई एहतियाती कदम उठाए हैं। जंगलों के भीतर और सीमावर्ती क्षेत्रों में फायर लाइन बनाई गई हैं। वन खंड और रेंज स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। प्रमुख स्थानों पर सूचना बोर्ड, बैनर और विज्ञापन लगाए गए हैं। स्थानीय समुदाय और वन कर्मियों को प्रशिक्षित करने के लिए मॉक ड्रिल भी आयोजित की जा रही हैं।
आग से निपटने के लिए प्रशिक्षित फायर प्रोटेक्शन स्क्वॉड का गठन किया गया है। इन टीमों को 334 वाहन, 1,037 लीफ ब्लोअर, अग्निशमन उपकरण और फायर सेफ्टी किट उपलब्ध कराए गए हैं। वर्तमान में 334 फायर प्रोटेक्शन स्क्वॉड सक्रिय रूप से तैनात हैं और जंगल की आग पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए तैयार हैं।



