सुकमा, 09 मार्च।
सुकमा वनमंडल ने गर्मियों में वनाग्नि की रोकथाम और वन क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया है। इसके तहत लगभग 112 वन अग्नि प्रहरियों की नियुक्ति की गई है, जो वन कर्मचारियों के साथ मिलकर जंगल में निगरानी करेंगे और आग लगने पर तुरंत नियंत्रण कार्य में सहयोग देंगे।
प्रत्येक वन अग्नि प्रहरी को चार माह की अवधि के लिए 10 हजार रुपये प्रति माह मानदेय दिया जाएगा। इन्हें फायर ब्लोअर जैसे आवश्यक उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे आग को प्रारंभिक अवस्था में बुझाने में मदद मिले।
वन विभाग ने ग्रामीणों और वन आश्रित समुदायों से अपील की है कि वे वनाग्नि रोकथाम में सहयोग करें। संवेदनशील वन क्षेत्रों में फायर लाइन का निर्माण किया गया है, ताकि आग के फैलाव को सीमित किया जा सके। साथ ही, पोस्टर और दीवार लेखन के माध्यम से आमजन को वनाग्नि के कारणों और बचाव उपायों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
तेंदूपत्ता संग्रहण कार्यशालाओं में भी ग्रामीणों और संग्राहकों को वनाग्नि रोकने में उनकी भूमिका समझाई गई और आग लगने पर तुरंत सूचना देने के निर्देश दिए गए। सुकमा वनमंडल ने वनाग्नि नियंत्रण के लिए हेल्पलाइन नंबर 7587016212 जारी किया है, जिस पर आम नागरिक तत्काल सूचना दे सकते हैं।
वन विभाग ने कहा कि वन हमारी पर्यावरण, जैव विविधता और आजीविका का आधार हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी है। नागरिक सतर्क रहें और किसी भी वनाग्नि की सूचना तुरंत विभाग को दें।



