कोलंबो, 26 फ़रवरी।
विश्व कप से बाहर होने के बाद श्रीलंका के कप्तान दासुन शनाका ने टीम में व्यापक और दीर्घकालिक सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। न्यूजीलैंड ने उन्हें 61 रन से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया, जिससे अंतिम चार में पहुंचने की उम्मीदें समाप्त हो गईं।
शनाका ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार मजबूत प्रदर्शन के लिए शारीरिक फिटनेस और लंबी अवधि की योजना पर गंभीर रूप से काम करना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि चोटें टीम के प्रदर्शन को प्रभावित करती हैं और वानिंदु हसरंगा, मथीशा पथिराना और ईशान मलिंगा जैसे प्रमुख खिलाड़ी उपलब्ध नहीं होने पर टीम कमजोर पड़ जाती है।
उन्होंने स्वीकार किया कि समस्या केवल फिटनेस तक सीमित नहीं है, बल्कि स्पष्ट रणनीति और दिशा भी आवश्यक है। शनाका ने कहा कि विश्व कप जैसी बड़ी प्रतियोगिता को छोटे लक्ष्य के साथ नहीं खेला जा सकता और तैयारी लंबी अवधि की होनी चाहिए।
कप्तान ने अपनी कप्तानी अनुभव पर भी प्रकाश डाला और कहा कि उन्हें टीम की अगुवाई का अवसर मिलना गर्व की बात है। उन्होंने टीम चयन और परिस्थितियों के अनुसार रणनीति अपनाने की आवश्यकता को भी स्वीकार किया।
शनाका ने दर्शकों से माफी मांगी और कहा कि इंग्लैंड के खिलाफ मैच जीतकर उन्हें खुशी नहीं दे पाने का खेद है। उन्होंने नकारात्मक माहौल और आलोचना को खिलाड़ियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए चुनौतीपूर्ण बताया और टीम से सकारात्मक सोच के साथ शेष मुकाबले खेलने का आग्रह किया।



