नई दिल्ली, 20 फरवरी।
इंडिया एआई इंपैक्ट समिट के दौरान भारत ने पैक्स सिलिका गठबंधन में शामिल होने के समझौते पर हस्ताक्षर किए और दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में एआई संचालित वैश्विक अर्थव्यवस्था को सुरक्षित करने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई गई।
केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह समझौता केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि भविष्य निर्माण का क्षण है, और भारत के इंजीनियर दुनिया के सबसे उन्नत दो-नैनोमीटर चिप डिजाइन कर रहे हैं, जिससे सेमीकंडक्टर उद्योग में दस लाख नए पेशेवरों के अवसर बनेंगे। अमेरिका के आर्थिक वृद्धि, ऊर्जा और पर्यावरण मामलों के अवर सचिव जैकब हेलबर्ग ने इसे साझा भविष्य का रोडमैप बताया और कहा कि आर्थिक सुरक्षा ही राष्ट्रीय सुरक्षा है। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भारत की भागीदारी को रणनीतिक और आवश्यक बताया और कहा कि पैक्स सिलिका सिलिकॉन श्रृंखला को खनिज खदानों से लेकर डेटा सेंटर तक सुरक्षित करेगा।

गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यह सुरक्षित सप्लाई चेन और तकनीकी साझेदारी को बढ़ावा देगा और अमेरिका–भारत टेक साझेदारी का मजबूत आधार तैयार करेगा। उच्च स्तरीय फायरसाइड चैट में इलेक्ट्रॉनिक्स सचिव एस कृष्णन, अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर, माइक्रोन टेक्नोलॉजी के सीईओ संजय मेहरोत्रा और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के सीईओ रंधीर ठाकुर ने एआई महत्वाकांक्षा और सेमीकंडक्टर लचीलापन पर चर्चा की।
पैक्स सिलिका साझा समृद्धि, तकनीकी प्रगति और आर्थिक सुरक्षा के लिए सहयोग को सुनिश्चित करेगा और भरोसेमंद सप्लाई चेन तथा सुरक्षित एआई सिस्टम भविष्य की वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक हैं। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के अनुसार यह पहल एआई और सप्लाई चेन को सुरक्षित करने का एक प्रमुख प्रयास है, जिसका पहला शिखर सम्मेलन 12 दिसंबर 2025 को वाशिंगटन में आयोजित किया गया था।




