नई दिल्ली, 12 फरवरी।
भारतीय नौसेना ने पहली बार बहुराष्ट्रीय संयुक्त कार्य बल (सीटीएफ) 154 की कमान संभाल ली है। यह कदम हिंद महासागर क्षेत्र और उससे आगे समुद्री सुरक्षा तथा क्षमता निर्माण में भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करने वाला ऐतिहासिक घटनाक्रम माना जा रहा है। कमान संभालने का उद्देश्य उच्च प्रभावी प्रशिक्षण पहल प्रदान करना और शांति, समृद्धि व सुरक्षा के लिए वैश्विक समुद्री साझीदारी को मजबूत करना है।
मल्टीनेशनल कंबाइंड टास्क फोर्स संभालने के समारोह का आयोजन 11 फरवरी को बहरीन के मनामा स्थित संयुक्त समुद्री बल (सीएमएफ) मुख्यालय में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता अमेरिकी नौसेना के वाइस एडमिरल कर्ट रेनशॉ ने की। इस अवसर पर भारत के उप नौसेना प्रमुख वाइस एडमिरल तरुण सोबती और अन्य सदस्य देशों के वरिष्ठ सैन्य प्रमुख उपस्थित रहे। समारोह में इटली की नौसेना के कमोडोर एंड्रिया बिएली ने मल्टीनेशनल मैरीटाइम ट्रेनिंग टास्क फोर्स की कमान भारतीय नौसेना के कमोडोर मिलिंद मोकाशी को सौंप दी।
वाइस एडमिरल रेनशॉ ने कहा कि कमोडोर बिएली के नेतृत्व में सीटीएफ-154 की इटली की पहली कमांड के दौरान यह टास्क फोर्स बड़ी सफलता हासिल कर चुका है। उनके कार्यकाल में सीटीएफ-154 का सबसे बड़ा और चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन ‘ऑपरेशन कंपास रोज़ V’ संपन्न हुआ, जिसमें 22 देशों के लगभग 140 समुद्री सुरक्षा पेशेवर शामिल हुए। इसके अलावा 34 देशों के साथ मीटिंग और 19 प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए गए, जिससे दक्षिणी क्षेत्र के ऑपरेशन्स में देशों का बेहतर समन्वय सुनिश्चित हुआ।
बिएली ने केन्या में ऑपरेशन 'सदर्न रेडीनेस' की भी कमान संभाली, जो सीटीएफ-154 का सबसे बड़ा प्रशिक्षण कार्यक्रम था, जिसमें रिकॉर्ड 160 लोग शामिल हुए। यह सोमालिया कोस्ट गार्ड की पहली बार भागीदारी सुनिश्चित करने वाला कार्यक्रम भी था, जो इलाके की समुद्री सुरक्षा के लिए अहम कदम है।
नौसेना के कैप्टन विवेक मधवाल ने बताया कि सीटीएफ-154 विशेष रूप से सीएमएफ के सदस्य देशों के प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण पर केंद्रित है। यह भारत की पेशेवर विशेषज्ञता, परिचालन अनुभव और सुरक्षा भागीदार के रूप में क्षेत्रीय विश्वास को मजबूत करता है। मई 2023 में स्थापित यह टास्क फोर्स बहुराष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से समुद्री सुरक्षा को बढ़ाने के लिए समर्पित है।
प्रशिक्षण पांच मुख्य स्तंभों पर केंद्रित है – समुद्री क्षेत्र जागरुकता (एमडीए), समुद्र का कानून, समुद्री अवरोधन अभियान, समुद्री बचाव और सहायता, तथा नेतृत्व विकास। इसके साथ ही यह कार्यबल नियमित रूप से समुद्री सुरक्षा संवर्धन प्रशिक्षण (एमएसईटी) और उत्तरी-दक्षिणी तत्परता जैसे अभ्यास आयोजित करता है। तस्करी, समुद्री डकैती और अनियमित प्रवासन जैसे खतरों के खिलाफ सहयोगी देशों की परिचालन क्षमता बढ़ाने के लिए संपर्क कार्यक्रम भी संचालित करता है।
सीटीएफ-154 अन्य टास्क फोर्स के साथ मिलकर कार्य करता है – सीटीएफ-150 (समुद्री सुरक्षा), सीटीएफ-151 (समुद्री डकैती विरोधी अभियान), सीटीएफ-152 (अरब की खाड़ी में समुद्री सुरक्षा) और सीटीएफ-153 (लाल सागर में समुद्री सुरक्षा)।



